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गैरसैण हो स्थाई राजधानी – उत्तराखण्ड क्रांति दल

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गैरसैण –  उत्तराखंड क्रांति दल युवा नेता आशीष नेगी के नेतृत्व में गेरसैन को स्थाई राजधानी को लेकर विधानसभा वित्तीय सत्र भराड़ीसैन में विधानसभा के पहले दिन उत्तराखंड क्रांति दल के सैकड़ो कार्यकर्त्ताओ ने बैरकेटिंग तोड़ कर विधानसभा जाने से सुरक्षा कर्मियों ने रोका। पुलिस की पानी की बौछारे आधे रास्ते तक जाने से उन्हें नहीं रोक पाई। उक्रांद युवा अध्यक्ष आशीष नेगी, उपाध्यक्ष कुलदीप रावत, उक्रांद जिला उपाध्यक्ष अर्जुन सिंह कण्डारी ने हजारों उक्रांद युवा, बुजुर्ग महिलाओ ने बेरीकेटिंग सुरक्षा घेरा तोड़ ग्रीसमकालीन राजधानी भराडीसेन में प्रथम विधानसभा वित्तीय सत्र में जिस पहाड़ी राज्य की परिकलपना लेकर राज्य की मांग की गई थी उस पहाड़ के साथ 25 साल से भाजपा और कांग्रेस सरकारों ने जनता के साथ छलाव किया है उस पहाड़ी राज्य की स्थाई राजधानी गैरसैन को न बना कर अपनी सुख सुविधा जनक स्थान को राजधानी बनाने के फिराकत में है उसे हमे हरगिज मंजूर नहीं है जब तक पहाड़ की राजधानी गेरसैन नहीं घोषित और बनाई नहीं जाती तब तक उक्रांद सड़को से लेकर विधानसभा तक धरना प्रदर्शन संघर्ष करती रहेगी चाहे हमारी जान क्यूँ नही चली जाय। उक्रांद युवा नेता ने अपने सम्बोधन के समय कहा की आँखों से जो मेरे आँसू आ रहे हैं ये किसी कमज़ोरी के नहीं बल्कि उस दर्द और पीड़ा के हैं जो पूरे उत्तराखंड की उन माताओं, बहनों और मासूम बच्चों की है, जो इलाज के अभाव में दम तोड़ने को मजबूर हैं। यह अन्याय अब और बर्दाश्त नहीं होगा। हमारा संकल्प स्पष्ट है,जब तक उत्तराखंड के हर क्षेत्र में स्वास्थ्य, शिक्षा और मूलभूत सुविधाएँ मजबूत नहीं होतीं और स्थायी राजधानी गैरसैंण नहीं बनती, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। हम अपने समाज, अपने हक़ और अपने भविष्य के लिए हम आखिरी सांस तक लड़ेंगे,राजधानी गैरसैंण लेकर रहेंगे । युवा नेता कुलदीप रावत, अर्जुन सिंह कण्डारी ने कहा की हमारे पहाड़ का शोषण भाजपा, कांग्रेस करती आई है और कर रही है। जो पहाड़ी लोगों ने अपने शहादत अपने बलिदान से इस राज्य को बनाने की कुर्बानी दी इन पार्टियों ने इसे क्राइम प्रदेश बना दिया हर रोज इस शांत प्रिय प्रदेश को गुंडा गर्दी लूट खसोट भ्रस्टाचार का अड्डा बना दिया है। इनके द्वारा अंकिता भंडारी के असली गुन्हेगार को बचाने का काम कर रही है जानवरो द्वारा हमारे लोगों को मार दे या हमारी उपजाऊ फसल को नष्ट कर दे तो सब ठीक है अगर हम अपनी सुरक्षा के लिए कोई ठोस कदम उठाये,या कदम बढ़ाये तो हमें जेल की सलाखो के पीछे डालने में गुरेज नहीं कर रही है।यह हमारे पीछे एसोआराम करने में लगे हैँ पहाड़ी होने के बाद भी इन्हे पहाड़ में ठण्ड लग रही है। इनके बाल बच्चों के लिए अच्छी शिक्षा, अच्छा पानी, स्वास्थ सहित तमाम मुलभुत सुख सुविधाएं चाहिए बाकी चाहे पहाड़ी लोगों को बाघ खाई भालू खाये या बंदर, सुवर हमारी फसल को नष्ट कर सफाचट कर दें। अब ऐसा नहीं चलेगा अब हर पहाड़ी मूल के पहड़वासी जाग गया है इनके दमनकारी नीति शौषण से यह जब तक 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव में सत्ता से बेदखल नहीं कर देते तबतक हम चुप नहीं बैठगे। संघर्ष करते रहेंगे।स्थाई राजधानी गेरसैन को लेकर उक्रांद जिला अध्यक्ष रुद्रप्रयाग सूरत सिंह झींकवान, चमोली जिला अध्यक्ष यधुबीर सिंह नेगी पौड़ी जिलाध्यक्ष अर्जुन सिंह नेगी, रानीखेत जगदीश रोतेला, अल्मोड़ा दिनेश जोशी, बागेश्वर संजय सिंह गड़िया जिला महामंत्री अजित भंडारी, राज्य आंदोलकारी मदन कठेत, वीरेंद्र सिंह बजेठा, दान सिंह राणा, गोपाल रोतेला, कमल सिंह रोतेला महिला जिलाध्यक्ष रानीखेत गुड्डीदेवी, कमला देवी, विमला नेगी पार्वती देवी, दान सिंह राणा सहित हजारों उक्रांद कार्यकर्ता मौजूद थे।

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