चाचा भतीजे की जोड़ी सहित चार आरोपियों को होटल से दबोचा, लाखों की सौदेबाजी से पहले ही खुल गया राज

श्रीनगर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, गुलदार की खाल के साथ 4 वन्य जीव तस्कर गिरफ्तार
श्रीनगर गढ़वाल –
वन्य जीवों की तस्करी और अवैध शिकार के खिलाफ जिला पौड़ी पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। श्रीनगर पुलिस और सीआईयू पौड़ी की संयुक्त टीम ने गुलदार की खाल के साथ चार वन्य जीव तस्करों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में चाचा–भतीजे की जोड़ी भी शामिल है, जो गुलदार की खाल को लाखों रुपये में बेचने की फिराक में श्रीनगर पहुंचे थे ।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी सर्वेश पंवार द्वारा जनपद के सभी थाना प्रभारियों को वन्य जीव अपराधों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। इन्हीं निर्देशों के क्रम में प्रभारी निरीक्षक श्रीनगर और सीआईयू प्रभारी पौड़ी के नेतृत्व में श्रीनगर क्षेत्र में होटलों, ढाबों और संदिग्ध स्थानों पर सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था।
इसी दौरान सीआईयू टीम को गोपनीय सूचना मिली कि श्रीनगर के एक होटल में कुछ संदिग्ध वन्य जीव तस्कर ठहरे हुए हैं। सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए श्रीनगर पुलिस और सीआईयू की संयुक्त टीम ने होटल में छापेमारी की। तलाशी के दौरान एक कमरे से सफरी लाल, बसंतू लाल, सुरजन लाल और रोशन लाल को पकड़ा गया। आरोपियों के कब्जे से एक गुलदार की खाल बरामद की गई।
पुलिस के अनुसार गुलदार संरक्षित वन्य जीव है और उसकी खाल का अवैध रूप से रखना एवं तस्करी करना गंभीर अपराध है। इस संबंध में कोतवाली श्रीनगर में मु0अ0सं0- 03/2026, धारा 9, 39, 44, 50, 51 वन्य जीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया है। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।
पूछताछ में हुआ खुलासा
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी सफरी लाल ने बताया कि वह और बसंतू लाल आपस में चाचा–भतीजा हैं। दोनों ने कुछ माह पूर्व अपने गांव के समीप जंगल में गुलदार का शिकार किया था। बाद में गुलदार की खाल को बेचने के लिए वे सुरजन लाल और रोशन लाल से संपर्क में आए, जो इसे लाखों रुपये में खरीदने के इच्छुक थे। इसी सौदेबाजी के लिए सभी श्रीनगर पहुंचे थे, जहां पुलिस ने समय रहते कार्रवाई कर ली।पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस पूरे प्रकरण की गहन जांच की जा रही है और भविष्य में भी वन्य जीव तस्करी में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
पुलिस टीम में शामिल
उपनिरीक्षक रणजीत तोमर, उपनिरीक्षक मुकेश भट्ट, मुख्य आरक्षी हर्षवर्धन राणा, आरक्षी मुकेश आर्या (सीआईयू), आरक्षी पंकज शर्मा, आरक्षी हरदयाल सिंह पंवार एवं आरक्षी प्रवीन पुरी शामिल रहे। फॉरेस्ट टीम का सहयोग वन विभाग से मनमोहन रावत, आरक्षी रोहित कुमार एवं आरक्षी जगदीश नेगी ने कार्रवाई में सहयोग किया।


