भालू के आतंक से बंगथल में मचा हड़कंप, दो गौशालाएं तोड़कर एक बैल को मार डाला, दो मवेशी घायल

मृत बैल को सड़क पर रखकर ग्रामीणों ने लगाया जाम, वन विभाग के लिखित आश्वासन के बाद एक घंटे में खुला जाम
पोखरी-
विकासखंड पोखरी के चंद्रशिला पट्टी में भालू का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। लगातार हो रहे हमलों से ग्रामीणों और पशुपालकों में दहशत का माहौल है। बीती रात बंगथल गांव में भालू ने दो गौशालाएं तोड़कर एक बैल को मार डाला, जबकि एक अन्य बैल और गाय को घायल कर दिया। लगातार हो रहे मवेशियों के नुकसान से आक्रोशित ग्रामीणों ने मृत बैल को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। करीब एक घंटे तक चले जाम के बाद वन विभाग के अधिकारियों के लिखित आश्वासन पर ग्रामीणों ने आंदोलन समाप्त किया।जानकारी के अनुसार, बीती रात भालू ने बंगथल निवासी भगत लाल की गौशाला तोड़कर एक बैल को मार डाला तथा दूसरे बैल को घायल कर दिया। इसके बाद भालू ने सुरेंद्र सिंह नेगी की गौशाला को निशाना बनाते हुए वहां बंधी गाय को घायल कर दिया। इससे दो दिन पहले भी इसी गांव में दिलबर सिंह नेगी की गौशाला तोड़कर भालू उनकी दुधारू गाय को मार चुका है।चंद्रशिला पट्टी में भालू के हमलों का सिलसिला लगातार बढ़ता जा रहा है। तीन दिन पहले डुंगर गांव में राजेंद्र सिंह नेगी की दुधारू गाय को भालू ने मार डाला था। चार दिन पहले किमोठा में इंदू देवी किमोठी की दुधारू गाय को अपना निवाला बनाया। वहीं, एक सप्ताह पहले कांडई चंद्रशिला में संजय किमोठी की गौशाला तोड़कर दुधारू गाय को मार डाला था तथा कलावती देवी के बैल को घायल कर दिया था। इससे पहले जौरासी गांव में शिवलाल के बैल को भी भालू मार चुका है। लगातार हो रही इन घटनाओं से पशुपालकों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।बीती रात बंगथल में हुई घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान ज्योति देवी के नेतृत्व में गांव के नीचे सड़क पर मृत बैल को रखकर जाम लगा दिया। ग्रामीणों ने वन विभाग के खिलाफ नाराजगी जताते हुए कहा कि लगातार मवेशियों को मारने के बावजूद भालू के आतंक से निजात दिलाने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि जब तक डीएफओ, रेंजर सहित वन विभाग के उच्चाधिकारी मौके पर नहीं पहुंचेंगे, तब तक जाम नहीं खोला जाएगा। जाम के कारण करीब एक घंटे तक वाहनों की आवाजाही बाधित रही और वाहन चालकों तथा यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
वन विभाग ने दिया लिखित आश्वासन
सूचना पर केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग गोपेश्वर के उप प्रभागीय वनाधिकारी मोहन सिंह, केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग नागनाथ रेंज के वन क्षेत्राधिकारी कपिल गुसाईं, वन दरोगा आनंद सिंह रावत, गोपाल सिंह रमोला और मोहन सिंह बर्तवाल मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आक्रोशित ग्रामीणों से वार्ता कर लिखित आश्वासन दिया कि क्षेत्र में सक्रिय भालू को रेस्क्यू करने, पिंजरा लगाने और ट्रैंकुलाइज करने के लिए दो नवंबर तक उच्चाधिकारियों से अनुमति प्राप्त करने की कार्रवाई की जाएगी।इसके साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी और रात्रि गश्त के लिए टीमें गठित की जाएंगी, जो रातभर गश्त करेंगी। इस कार्य में ग्रामीणों का सहयोग भी लिया जाएगा। अधिकारियों ने झाड़ी कटान और छंटाई का कार्य संबंधित हक-हकूकधारियों के साथ सामंजस्य स्थापित कर कराने का आश्वासन दिया। वहीं, मवेशी स्वामी भगत लाल को पशु क्षति मुआवजे की 30 प्रतिशत धनराशि का अग्रिम भुगतान मौके पर ही किया गया। शेष धनराशि जांच रिपोर्ट आने के बाद भुगतान करने की बात कही गई।
वन विभाग के लिखित आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने सड़क से मृत बैल हटाकर जाम खोल दिया।
ये रहे मौजूद
इस दौरान ग्राम प्रधान ज्योति देवी, पूर्व प्रधान ललित मिश्रा, भगत लाल, सुरेंद्र सिंह नेगी, मिलन मिश्रा, विवेक भारती, मुकेश लाल, कन्हैया प्रसाद भट्ट, महिला मंगल दल अध्यक्ष सावित्री देवी, कुंवरी देवी, कुसुमलता देवी, मंजू देवी और अमित नेगी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। फोटो सलंग्न



