फूलों की घाटी पर्यटकों की आवाजाही के लिए बंद

फूलों की घाटी पर्यटकों की आवाजाही के लिए बंद
चमोली –
। विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी राष्ट्रीय पार्क को शीतकाल में पर्यटकों की आवाजाही के लिए बंद कर दिए गए हैं। इसके चलते अब फिलहाल कई माह तक फूलों की घाटी का पर्यटन दीदार नहीं कर पाएंगे।
शनिवार को विश्व धरोहर फूलों की घाटी राष्ट्रीय पार्क को पर्यटकों की आवाजाही के लिए बंद कर दिए गए हैं। पार्क प्रशासन की टीम ने घाटी का दीदार कर लौटते हुए घांघरिया में प्रवेश द्वार को बंद कर दिया। इसके साथ ही फूलों की घाटी की इस साल की यात्रा का समांपन भी हो गया है। शीतकाल में पार्क कर्मियों द्वारा घाटी की लंबी दूरी की गश्त जारी रहेगी।
मौजूदा साल में 35261 पर्यटकों ने घाटी का किया दीदार
फूलों की घाटी राष्ट्रीय पार्क के वन क्षेत्राधिकारी आशीष जिरवाण ने बताया कि इस साल 35261 पर्यटकों ने घाटी का दीदार किया। इनमें 34996 भारतीय तथा 265 विदेशी पर्यटक शामिल हैं। उन्होंने बताया कि पर्यटकों से पार्क प्रशासन को 67 लाख 7 हजार 500 रूपये का राजस्व प्राप्त हुआ। उनके अनुसार केवल 27 सितंबर को भारी ओलावृष्टि तथा बिगडे़ मौसम के चलते फूलों की घाटी को पर्यटकों की आवाजाही के लिए मात्र एक दिन बंद रखा गया। पिछले एक जून को फूलों की घाटी पर्यटकों के दीदार के लिए खुली थी और 31 अक्टूबर को घाटी के प्रवेश द्वार को पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया। बताया पिछले सालों की तुलना में इस साल रिकार्ड संख्या में पर्यटक फूलों की घाटी का दीदार करने पहुंचे। यह आंकड़ा उत्तराखंड के पर्यटन के लिए शुभ संकेत के रूप में देखा जा रहा है। इसके साथ ही अब भ्यूंडार घाटी में सन्नाटा भी पसर है.।


