अंतर्राज्यीय संगठित गिरोह पर चमोली पुलिस की ऐतिहासिक कार्रवाई, आपराधिक विरासत वाले अभियुक्तों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कसा शिकंजा

*अंतर्राज्यीय संगठित गिरोह पर चमोली पुलिस की ऐतिहासिक कार्रवाई, आपराधिक विरासत वाले अभियुक्तों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कसा शिकंजा*चमोली –
थाना पोखरी क्षेत्र में घटित टीएचडीसी परियोजना के कीमती ACSR Moose Conductor बिजली के तारों की चोरी तथा एक मोटरसाइकिल चोरी की गंभीर घटनाओं को चमोली पुलिस द्वारा अत्यंत गंभीरता से लिया गया। इन प्रकरणों में पंजीकृत मुकदमों के क्रम में *पुलिस अधीक्षक चमोली सुरजीत सिंह पँवार* द्वारा अपराध के शीघ्र अनावरण एवं दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश दिए गए।
उक्त निर्देशों के अनुपालन में *पुलिस उपाधीक्षक कर्णप्रयाग त्रिवेन्द्र सिंह राणा* के निकट पर्यवेक्षण में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। टीम द्वारा तकनीकी साक्ष्यों, सर्विलांस एवं गोपनीय सूचना तंत्र के आधार पर उत्तराखंड व उत्तर प्रदेश में लगातार दबिशें दी गईं, जिसके फलस्वरूप अंतर्राज्यीय संगठित चोर गिरोह के अभियुक्त *सलीम पुत्र नफीस, निवासी अकबराबाद, जनपद बिजनौर (उ.प्र.)* को गिरफ्तार किया गया। अभियुक्त की निशानदेही पर लगभग ₹1.40 लाख मूल्य के ACSR Moose Conductor बिजली के तार तथा चोरी की मोटरसाइकिल संख्या UK 07DA 6127 बरामद की गई।
जांच के दौरान यह भी तथ्य प्रकाश में आया कि उक्त गिरोह के अन्य सदस्य *शहजाद पुत्र मोहसिन, नदीम पुत्र नफीस एवं दानिश पुत्र मोहम्मद हमीद (सभी निवासी जनपद बिजनौर, उत्तर प्रदेश)* भी इन आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय रूप से संलिप्त थे।अभियुक्तों के आपराधिक इतिहास की गहन पड़ताल में यह चौंकाने वाला तथ्य उजागर हुआ कि—*शहजाद के विरुद्ध उत्तराखंड व उत्तर प्रदेश में कुल 16 आपराधिक मुकदमे, नदीम के विरुद्ध 05 मुकदमे, सलीम के विरुद्ध 03 मुकदमे, तथा दानिश के विरुद्ध भी 03 मुकदमे* पूर्व से पंजीकृत हैं।
अभियुक्त शहजाद* को पूर्व में ही उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा नजीबाबाद क्षेत्र से गिरफ्तार किया जा चुका है, *जो वर्तमान में जिला कारागार बिजनौर में निरुद्ध* है व सलीम जो वर्तमान समय में पुरसाडी जेल में निरुद्ध है जिनके विरुद्ध *माननीय न्यायालय से वारंट-बी प्राप्त कर निष्पादन की कार्यवाही प्रचलित है।*शष दो अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु लगातार दबिशें दी जा रही हैं तथा उन्हें शीघ्र गिरफ्तार किया जाएगा।
अभियुक्तगण एक सुसंगठित आपराधिक गिरोह के रूप में योजनाबद्ध तरीके से अपराध की घटनाओं को अंजाम दे रहे थे। इनके कृत्यों से क्षेत्र में भय, आतंक एवं असुरक्षा का माहौल उत्पन्न हो गया था तथा आमजन डर के कारण इनके विरुद्ध बोलने से भी कतराने लगे थे।गिरोह की संगठित आपराधिक गतिविधियों, समाज विरोधी कृत्यों एवं जनसुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव को दृष्टिगत रखते हुए चमोली पुलिस द्वारा अभियुक्तों का विस्तृत गैंगचार्ट तैयार कर जिला मजिस्ट्रेट महोदय से अनुमोदन प्राप्त किया गया। अनुमोदन के उपरांत *उक्त गिरोह एवं इसके सदस्यों के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के अंतर्गत सख्त कार्रवाई अमल में लाई गई। सके साथ ही अभियुक्तों द्वारा *अवैध तरीकों से अर्जित की गई संपत्तियों की गहन जांच* की जा रही है। जांच में चिन्हित की जाने वाली अवैध संपत्तियों को नियमानुसार जब्त एवं कुर्क किए जाने की कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
चमोली पुलिस का स्पष्ट संदेश*ल
यह कार्रवाई अपराधियों के लिए स्पष्ट चेतावनी है कि जनपद चमोली में संगठित अपराध, अंतर्राज्यीय गिरोह एवं जनता में भय फैलाने वालों के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाई जा रही है। कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।


