चन्द्रापुरी में श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देने के बाद कालीमाई की दिवारा यात्रा पहुंची भीरी

ऊखीमठ।
आस्था, श्रद्धा और परंपरा की प्रतीक भगवती कालीमाई की दिवारा यात्रा विगत दिनो मकर संक्रान्ति पर्व पर अलकनंदा भागीरथी के संगम स्थल देवप्रयाग में पवित्र गंगा स्नान एवं विधिवत पूजा-अर्चना के उपरांत आज अपने गंतव्य की ओर लौटते हुए चन्द्रापुरी से श्रद्धालुओं को आशीर्वाद प्रदान करती हुई भीरी पहुंच गई। यात्रा के भीरी आगमन पर क्षेत्र में धार्मिक उल्लास एवं भक्ति का वातावरण देखने को मिला। शुक्रवार को भगवती कालीमाई की दिवारा यात्रा विभिन्न यात्रा पडा़वो पर श्रद्धालुओ को आशीर्वाद देते हुए रात्रि प्रवास के लिए सेमी गांव पहुंचेगी। गुरूवार को चन्द्रापुरी मे ब्रह्म बेला पर विद्वान आचार्यो ने भगवती कालीमाई सहित 33 कोटि देवी – देवताओ का आवाहन कर आरती उतारी तथा ठीक दस बजे भगवती कालीमाई की दिवारा अपने अगले पड़ाव के लिए रवाना हुई। चन्द्रापुरी में बड़ी संख्या में श्रद्धालु दिवारा यात्रा के दर्शन हेतु एकत्रित हुए। यहां मां कालीमाई के दिवारा ने श्रद्धालुओं को आशीर्वाद प्रदान किया। महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं ने देवी के समक्ष शीश नवाकर सुख-समृद्धि एवं क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। कई स्थानों पर श्रद्धालुओं द्वारा पुष्प वर्षा कर दिवारा यात्रा का स्वागत किया गया। सांयकाल यात्रा भीरी पहुंची, जहां पहले से ही भक्तों का जनसैलाब मौजूद था। भीरी गांव में दिवारा यात्रा के आगमन पर विशेष पूजा, आरती और प्रसाद वितरण का आयोजन किया गया। ग्रामीणों ने इसे क्षेत्र के लिए मंगलकारी बताते हुए कहा कि भगवती कालीमाई की दिवारा यात्रा से गांव में शांति, समृद्धि और आपसी सौहार्द बना रहता है। कालीमाई दिवारा यात्रा समिति अध्यक्ष लखपत राणा ने बताया कि कालीमाई की दिवारा यात्रा क्षेत्र की प्राचीन लोक-धार्मिक परंपराओं में से एक है, जो 15 वर्षो बाद श्रद्धा और नियमों के साथ संपन्न की जा रही है। यह यात्रा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत को भी सुदृढ़ करती है। दिवारा यात्रा महामंत्री सुरेशानंद गौड़ ने बताया कि भगवती कालीमाई की दिवारा यात्रा के देवप्रयाग भ्रमण के दौरान विभिन्न क्षेत्रो ग्रामवासियों का सहयोग सराहनीय रहा तथा दिवारा यात्रा के सफलतापूर्वक भीरी पहुंचने पर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा गया । इस मौके पर दिवारा यात्रा मे साथ चल रहे सैकड़ो हक – हकूकधारी , चन्द्रापुरी , बांसवाडा व भीरी के सैकड़ो श्रद्धालु मौजूद थे ।



