Blog

गोपेश्वर में भगवान गोपीनाथ के संग हजारों होल्यारों ने खेली भव्य होली

दूर -दूर से आते है यहां होली मनाने

ख़बर को सुनें

चमोली –

रंगों का पर्व होली इस वर्ष गोपेश्वर में भगवान गोपीनाथ के सानिध्य में अत्यंत भव्य, आध्यात्मिक और उल्लासपूर्ण वातावरण में मनाया गया। हजारों की संख्या में होल्यारों के पहुंचने से पूरा नगर रंग और भक्ति में सराबोर दिखाई दिया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन के कारण मुख्य आयोजन रामलीला मैदान में आयोजित किया गया, जो गोपीनाथ मंदिर के समीप स्थित है।

गोपेश्वर की होली उत्तराखंड में विशेष पहचान रखती है। इस दिन पूरा नगर मानो उत्तराखंड का वृंदावन बन जाता है। देश के विभिन्न राज्यों से आए हजारों होल्यार भगवान शिव के रूप में पूजित गोपीनाथ के साथ होली खेलने के लिए यहां एकत्र हुए। विशेष रूप से मथुरा और वृंदावन से आए श्रद्धालु कान्हा की ओर से भोलेनाथ के लिए अबीर और गुलाल लेकर पहुंचे। उनके साथ आए होली प्रेमियों ने पारंपरिक गीतों, नृत्य और रंगों के साथ उत्सव को और भी आनंदमय बना दिया। उत्तराखंड के विभिन्न जनपदों के अलावा कोलकाता, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और पंजाब से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु गोपेश्वर की प्रसिद्ध होली का आनंद लेने पहुंचे।

इस अवसर पर जिला जज विंध्याचल सिंह और पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार भी अधिकारियों के साथ कार्यक्रम में शामिल हुए और श्रद्धालुओं के साथ होली की खुशियों में सहभागी बने।

गोपेश्वर की होली की एक विशेष मान्यता यह भी है कि इस पावन अवसर पर स्वयं भोलेनाथ गोपीनाथ होल्यारों के साथ नृत्यमय होली खेलते हैं। इस दिव्य दृश्य से अभिभूत होकर भगवान श्रीकृष्ण भी होली में शामिल होने के लिए गोपेश्वर पहुंचते हैं, ऐसी आस्था यहां के लोगों में प्रचलित है। गोपेश्वर की होली की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि हजारों पुरुष, महिलाएं और हर आयु वर्ग के लोग एक साथ उत्सव मनाते हैं, लेकिन कहीं भी अव्यवस्था या हुड़दंग देखने को नहीं मिलता। पूरी होली श्रद्धा, मर्यादा और उत्साह के साथ मनाई जाती

पांच दिनों तक चला होली उत्सव

गोपेश्वर में होली का उत्सव पांच दिनों तक चलता है। इस दौरान विभिन्न स्थानों पर पारंपरिक होली गायन और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

राठ क्षेत्र की प्रसिद्ध पारंपरिक होली गाने वाली दो बड़ी टीमों ने भी गोपेश्वर पहुंचकर भगवान गोपीनाथ के साथ होली खेली और अपनी प्रस्तुति से वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button