सड़क न होने का दर्द: बीमार महिला को डडी-कडी में रख 5 किमी पैदल चलकर अस्पताल पहुंचे ग्रामीण

थराली –
देवाल विकासखंड के अनुसूचित जाति बाहुल्य गांव ऐरठा में सड़क सुविधा के अभाव का दर्द एक बार फिर सामने आया है। गांव की एक बीमार महिला को ग्रामीणों को डडी-कडी में रखकर करीब पांच किलोमीटर पैदल चलकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देवाल पहुंचाना पड़ा।
जानकारी के अनुसार ऐरठा गांव निवासी 45 वर्षीय हिमान्ती देवी, पत्नी खड़क राम, लंबे समय से बीमार चल रही थीं। गुरुवार को अचानक उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। गांव में सड़क और वाहन सुविधा न होने के कारण ग्रामीणों ने उन्हें डडी-कडी में लिटाकर करीब 5 किलोमीटर दुर्गम और पगडंडी रास्ते से पैदल चलकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देवाल पहुंचाया।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. रोबिन कुमार ने महिला का प्राथमिक उपचार किया। हालत गंभीर होने पर उन्हें बेहतर उपचार के लिए हायर सेंटर कर्णप्रयाग रेफर कर दिया गया। ग्रामीण पूरन राम, भवान राम, कुवर राम, त्रिलोक राम, गणेशी देवी, कांति देवी, रमा देवी, विमला देवी, सहित ग्रामीणों की मदत से किसी तरह हॉस्पिटल लाया गया ।
ग्राम प्रधान प्रेम देवी ने बताया कि विकासखंड के अधिकांश गांवों में मोटर मार्ग पहुंच चुका है, लेकिन अनुसूचित जाति बाहुल्य गांव ऐरठा आज भी सड़क सुविधा से वंचित है। उन्होंने बताया कि 15 दिसंबर 2021 को पदमला-कजेरू-ऐरठा के लिए लगभग 8 किलोमीटर मोटर सड़क स्वीकृत हुई थी, लेकिन अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण शुरू न होने से ग्रामीण खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। ग्राम प्रधान ने प्रदेश सरकार से शीघ्र सड़क निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में ग्रामीणों को इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।


