नंदा नगर के तीन गावो मै नही मनाई जाती होली,ग्रामीण चलाते है स्वछता अभियांन
देवताओं के प्रकोप से बचने के लिए नही मनाते है होली

महावीर रावत, नंदानगर*
नंदानगर विकासखंड के अंतर्गत रामणी , घूनी, पडेर गांव में होली का पर्व एक अलग और प्रेरणादायी रूप में मनाया जाता है। यद्यपि गांव में परंपरागत रूप से होली नहीं मनाई जाती है, लेकिन इस बार ग्रामवासियों और महिला मंडल ने एक सकारात्मक पहल करते हुए होली के अवसर को स्वच्छता अभियान के रूप में मनाया। इस अनोखी पहल के माध्यम से गांव में स्वच्छता, एकता और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश दिया गया।
होली के दिन जहां अन्य स्थानों पर रंग-गुलाल और उत्सव का माहौल रहता है, वहीं रामणी गांव के लोगों ने पूरे गांव में सफाई अभियान चलाया। ग्रामवासियों, महिलाओं और युवाओं ने मिलकर गांव की गलियों, सार्वजनिक स्थलों और मंदिर परिसर की सफाई की। झाड़ू लगाकर कूड़ा-कचरा एकत्र किया गया तथा लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया। इस दौरान सभी ने यह संदेश दिया कि सच्चे अर्थों में होली केवल रंग खेलने का पर्व नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का अवसर भी है।
महिला मंडल की सदस्यों ने कहा कि स्वच्छ वातावरण से ही स्वस्थ समाज का निर्माण संभव है। “स्वच्छ गांव, स्वस्थ गांव” की भावना के साथ चलाया गया यह अभियान पूरे गांव के लिए प्रेरणास्रोत बन गया। गांव के बुजुर्गों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए इसे आने वाली पीढ़ियों के लिए एक अच्छा उदाहरण बताया।
धुनी की प्रधान ममता पांडे ने बताया कि रामणी गांव में प्राचीन मान्यताओं के अनुसार गोलू देवता के प्रकोप की आशंका के कारण परंपरागत रूप से होली नहीं मनाई जाती है। इसी परंपरा का सम्मान करते हुए ग्रामवासियों ने इस बार स्वच्छता अभियान के रूप में होली का संदेश देने का निर्णय लिया। ग्रामवासियों की इस रचनात्मक पहल ने यह साबित कर दिया कि परंपराओं का सम्मान करते हुए भी समाजहित में सकारात्मक कार्य किए जा सकते हैं। रामणी गांव की यह अनोखी होली क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है और अन्य गांवों के लिए भी प्रेरणा बन रही है।

