उत्तराखंड

थराली में भीषण अग्निकांड: 100 साल पुराना ऐतिहासिक “कपूर गली भवन” जलकर राख

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रमेश थपलियाल , थराली

चमोली जिले के थराली नगर में गुरुवार सुबह एक भीषण अग्निकांड में करीब 100 वर्ष पुराना ऐतिहासिक “कपूर गली भवन” जलकर पूरी तरह राख हो गया। आग की लपटों ने देखते ही देखते पूरे भवन को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार गुरुवार सुबह करीब 10 बजे भवन से अचानक धुआं उठता दिखाई दिया। कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। स्थानीय लोगों ने तत्काल इसकी सूचना दमकल विभाग, पुलिस और प्रशासन को दी। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन भवन सड़क से दूर और संकरी गलियों के बीच स्थित होने के कारण आग बुझाने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से आग पर काबू पाने का प्रयास किया गया, लेकिन तब तक पूरा भवन धू-धू कर जल चुका था। राहत की बात यह रही कि घटना के समय भवन में रह रहे मजदूर काम पर गए हुए थे, जिससे बड़ा हादसा टल गया। हालांकि मजदूरों का घरेलू सामान और अन्य सामग्री आग की भेंट चढ़ गई।

स्थानीय व्यापारी प्रेम बुटोला ने बताया कि “कपूर गली भवन” थराली की सबसे पुरानी और ऐतिहासिक इमारतों में से एक था। यह भवन कभी क्षेत्र की आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों का केंद्र माना जाता था। पुराने समय में यहां ट्रेजरी सहित बाजार की प्रमुख गतिविधियां संचालित होती थीं। बताया कि नए पुल के निर्माण के बाद बाजार दूसरी ओर स्थानांतरित हो गया, जिसके बाद यह भवन धीरे-धीरे वीरान और जर्जर होता चला गया। वर्षों से उपेक्षा का शिकार यह ऐतिहासिक भवन आखिरकार गुरुवार को लगी भीषण आग में पूरी तरह खाक हो गया।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और तहसील प्रशासन की टीम भी मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। प्रशासन द्वारा नुकसान का आंकलन किया जा रहा है। आग लगने के कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। इस अग्निकांड के बाद स्थानीय लोगों में गहरा दुख और मायूसी है। लोगों का कहना है कि थराली की ऐतिहासिक पहचान से जुड़ा एक महत्वपूर्ण भवन अब हमेशा के लिए इतिहास बन गया।

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