संस्कृत भाषा श्रेष्ठ संस्कारों और आदर्शों की देती है शिक्षा : गणेश शाह

कर्णप्रयाग-
उत्तराखंड संस्कृति अकादमी के द्वितीय दिवस के वरिष्ठ वर्ग के कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में नगर पालिका परिषद कर्णप्रयाग के अध्यक्ष गणेश शाह मौजूद रहे। अपने संबोधन में गणेश शाह ने संस्कृत भाषा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संस्कृत हमारी देववाणी है। यह भाषा आज भी समाज को श्रेष्ठ संस्कारों और आदर्शों की शिक्षा देने का कार्य कर रही है। उन्होंने संस्कृत भाषा के संरक्षण और संवर्धन की आवश्यकता पर भी जोर दिया।कार्यक्रम के अवसर पर जनपद संयोजक दशरथ सिंह कंडवाल, सह संयोजक सुरेंद्र भगत और पीएम श्री राजकीय बालिका विद्यालय गौचर की प्रधानाचार्य डॉ. सुमन ध्यानी ने अतिथियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया।
प्रतियोगिताओं के परिणाम में कनिष्ठ वर्ग की आशुभाषण प्रतियोगिता में सरस्वती शिशु विद्या मंदिर की आस्था जुयाल ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। नाटक और संस्कृत समूहगान में हिमालयन पब्लिक स्कूल देवाल प्रथम रहा। संस्कृत समूह नृत्य में वेद-वेदांग उच्च माध्यमिक विद्यालय ज्योतिर्मठ ने प्रथम स्थान हासिल किया। वाद-विवाद में सरस्वती शिशु विद्या मंदिर देवाल और श्लोकोच्चारण में अटल उत्कृष्ट विद्यालय नैंनीसैंण प्रथम रहा। वहीं वरिष्ठ वर्ग की समूह नृत्य प्रतियोगिता में सुबोध प्रेम विद्या मंदिर गोपेश्वर ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि वाद-विवाद प्रतियोगिता में राजकीय इंटरमीडिएट कॉलेज सवाड़ प्रथम रहा। कार्यक्रम में पूर्व शिक्षक संघ अध्यक्ष प्रदीप भंडारी सहित कई शिक्षाविद और अन्य लोग मौजूद रहे।



