बैरिकेड तोड़ आंदोलन को उग्र रूप दिया प्रधान संगठन ने, मांगो पर हो जल्द निराकरण

देहरादून –
उत्तराखंड प्रधान संगठन के बैनर तले आयोजित 10 सूत्रीय मांग पत्र को लेकर सचिवालय घेराव गुरुवार को प्रधानों के उग्र प्रदर्शन से सरकार भी सख्ते में आ गई सरकार ने बातचीत के लिए पंचायती राज निदेशक निधि यादव को वार्ता के लिए भेजा लेकिन प्रधानों ने 10 सूत्रीय मांग पत्र पर सकारात्मक रुख न आने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दिया
गुरुवार को प्रदेश के कोने-कोने से आए प्रधान गणों ने परेड ग्राउंड में इकट्ठा होकर अपनी मांगों लेकर सचिवालय कूच किया पुलिस से धक्का – मुक्की क़े बाद पुलिस के बैरिकेड को को तोड़ते हुए सचिवालय की ओर बड़े तो पुलिस ने एक बड़ा सा बैरिकेड पर आंदोलनकारी को रोका गया जहां पर प्रदेश सरकार को 10 सूत्रीय मांग पत्र भेजा गया जिसके पास साथ पंचायती राज निदेशक निधि यादव प्रधानों से वार्ता के लिए पहुंची तो उन्होंने आसपास किया कि बहुत जल्द सरकार प्रधानों की मांगों का उचित निराकरण करेगी लेकिन प्रधानों के न मानने के बाद आंदोलन जारी रहा इसके बाद सरकार को 10 दिन का समय दिया गया है यदि मांगे पूरी नहीं होती है तो समस्त प्रधान गण विधानसभा घेराव के लिए मजबूर होंगे प्रधान उनका कहना है कि प्रधानों को उचित मानदेय स्वास्थ्य बीमा दुर्घटना बीमा बीबी जी राम जी में पूरे प्रदेश में ऑफलाइन कार्य करवाई जाने पंचायती राज एक्ट के तहत 29 विभागों को प्रधानों के अधीन किए जाने, 16 वें पित्त में ग्राम पंचायत पर लगने वाले टैक्स को हटाए जाने वह 20% की धनराशि को अभिलंब निरस्त किया जाए सहित कई मांगों को लेकर आंदोलन जारी रहा इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष योगिता केंतुरा रावत, कार्यकारी अध्यक्ष प्रकाश मेहरा, गढ़वाल मंडल अध्यक्ष भूपेंद्र रावत, कुमाऊ मंडल अध्यक्ष हेमराज बिष्ट, संरक्षक देवेंद्र भंडारी, ज़िला चमोली क़े अध्यक्ष महाबीर रावत, ज़िला महामंत्री महेंद्र बिष्ट, नंदा नगर ब्लॉक अध्यक्ष अवतार सिंह बिष्ट, प्रदेश उपाध्यक्ष नैन सिंह कुंवर उतरकाशी, रुद्रप्रयाग, रानीखेत, पौड़ी, टिहरी, पिथौरागढ़, चम्पावत सहित सभी जगहों प्रधान उपस्थित रहे।



