सहकारिता के उद्देशो की प्राप्ति को निरंतर प्रयास की अवश्यकता बिष्ट
कर्मभूमि किसान उत्पादक स्वायत्ता सहकारियरता के दो दिवसीय

गोपेश्वर – सहकारिता के संविधान मैं वर्णित उद्देश्यों के अनुसार सहकारिता का प्रबंधन एवं संचालन करना नितांत आवश्यक है साथ ही सहकारिता सदस्यों को उनके अधिकारों एवं भूमिका के अनुसार समय- समय पर क्रियान्वयन के लिए पहले करने की आवश्यकता है तभी सहकारिता अपने उद्देश्यों को प्राप्त कर सकती कि
यह बात हिमोथान सोसायटी देहरादून टाटा ट्रस्ट मुंबई के माध्यम हिमाद समिति द्वारा करणप्रयाग विकासखंड के नौटी , सोनला, कनखुल, गोचर क्लस्टर की 70 गांवों की 40 किसान उत्पादक समूहों के द्वारा गठित कर्मभूमि किसान उत्पादक स्वायत्त सहकारिताक के दो दिवसीय शासन एवं नेतृत्व विकास प्रशिक्षण के उद्घाटन अवसर पर हिमाद के सचिव उमाशंकर बिष्ट ने कही उन्होंने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि महिलाओं को स्वावलंबी एवं आर्थिक रूप से सशक्त करने के लिए सहकारिता बेहतर अवसर प्रदान करता है उन्होंने कहा कि आज की दौर में स्वरोजगार प्राप्त करने के लिए उत्पादक समूह एवं किसान उत्पादक सहकारिताएं महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है उन्होंने सहकारिता की माध्यम से की जाने वाली व्यावसायिक गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी
प्रशिक्षण में मुख्य प्रशिक्षका एवं हिमाद की समन्वयक काजल रावत ने प्रतिभागियों को सहकारिता की वित्तीय प्रबंधन, बैठक आयोजित करने की प्रक्रिया, सदस्यों की उपस्थिति, कार्यवाही पंजिका का रखरखाव, सदस्यता शुल्क, शेयर धन, सामुदायिक विकास में सहकारिता सदस्यों की भूमिका, सहकारिता के माध्यम से रोजगार के अवसर की प्रक्रिया को विभिन्न खेलों एवं अभ्यासो के माध्यम से विस्तृत जानकारी दी प्रशिक्षण में कर्मभूमि किसान उत्पादक स्वायत्त सहकारिता की अध्यक्ष संगीता देवी पूर्व अध्यक्ष पार्वती देवी उपाध्यक्ष सुमन देवी कोषाध्यक्ष किरन देवी सचिव लीला देवी सह-सचिव अनीता देवी सदस्य शीला देवी सुनीता देवी हेमा देवी इंद्र कला देवी हिमाद के भूपेंद्र गुसाईं पंकज पुरोहित अनिल नेगी श्वेता देवी पूजा दयाल ने विचार व्यक्त किये


