केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग में बड़ी कार्रवाई: सांभर के शिकार मामले में एक आरोपी गिरफ्तार, रातभर चले सर्च ऑपरेशन के बाद मिली सफलता
चमोली /रुद्रप्रयाग-
केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग के अंतर्गत नागनाथ रेंज में वन्यजीव तस्करी और अवैध शिकार के खिलाफ वन विभाग को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। विभाग की टीम ने प्रतिबंधित वन्यजीव ‘सांभर’ के कथित शिकार के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए एक अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया है। कोर्ट में पेशी के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया है।
गुप्त सूचना पर रातभर चला सघन अभियानमामले की जानकारी देते हुए वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 23 सितम्बर 2026 को प्रभाग के खुफिया सूचना तंत्र के माध्यम से नागनाथ रेंज में सांभर के शिकार की प्रामाणिक सूचना मिली थी। वन्यजीव अपराध की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने बिना वक्त गंवाए तत्काल एक्शन लिया।वन क्षेत्राधिकारी कपिल गुसाईं के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसमें अनुभाग अधिकारी मोहन सिंह, वन आरक्षी दीपक नेगी और अन्य क्षेत्रीय कर्मचारी शामिल रहे। इस टीम ने जंगल के संवेदनशील इलाकों में पूरी रात सघन कॉम्बिंग और सर्च ऑपरेशन चलाया।24 सितम्बर को दबोचा गया आरोपीरातभर चली कड़ी मशक्कत और क्षेत्रीय जांच के बाद आखिरकार वन्यजीव विभाग की टीम को 24 सितम्बर 2026 की दोपहर बड़ी कामयाबी मिली, जब टीम ने घेराबंदी कर एक अभियुक्त को धर-दबोचा।पकड़े गए आरोपी के खिलाफ वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की सुसंगत और गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। वन विभाग ने कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद अभियुक्त को सक्षम न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से माननीय न्यायालय ने उसे न्यायिक अभिरक्षा (जेल) में भेजने के आदेश जारी कर दिए।नेटवर्क खंगालने में जुटी वन विभाग की टीमइस अवैध शिकार के पीछे क्या कोई बड़ा रैकेट या अन्य लोग भी शामिल हैं, इसका पता लगाने के लिए केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग मामले की हर एंगल से विस्तृत जांच कर रहा है।अपराधियों को कड़ा संदेश: प्रभागीय वनाधिकारीमामले पर सख्त रुख अपनाते हुए
केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी (DFO) रजत सुमन ने कहा—”केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग द्वारा वन्यजीव अपराधों की रोकथाम के लिए सूचना तंत्र (इंटेलिजेंस नेटवर्क) आधारित निगरानी और क्षेत्रीय सतर्कता को बेहद सुदृढ़ किया गया है। बेजुबान वन्यजीवों के अवैध शिकार और किसी भी तरह के वन्यजीव अपराध को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे अपराधियों के विरुद्ध विधि के अनुसार आगे भी इसी तरह की कठोरतम कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।”



