कलकोठ मैं नहीं है अंग्रेजी विषय का अध्यापक, बच्चों ने दिया धरना
जोशीमठ:-
राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कलगोठ में अंग्रेजी शिक्षक की तैनाती को लेकर ग्रामीणों का धरना पांचवें दिन भी जारी, कर्मचारियों की अनुपस्थिति से आक्रोशजोशीमठ। सीमांत क्षेत्र जोशीमठ के दूरस्थ ग्राम सभा कलगोठ में शिक्षा व्यवस्था बदहाल होने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय (रा० उ० मा० वि०) कलगोठ में अंग्रेजी विषय के अध्यापक की तैनाती और स्कूल स्टाफ की लापरवाही के खिलाफ ग्रामीणों का अनिश्चितकालीन धरना चौथे और पांचवें दिन भी लगातार जारी रहा।अंग्रेजी शिक्षक न होने से छात्र परेशान, ग्रामीणों की दोटूकशिक्षा विभाग से हुई वार्ता के बाद सामने आया है कि वर्ष 2015 में इस विद्यालय का उच्चीकरण (अपग्रेडेशन) कर इसे राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कलगोठ बनाया गया था। विभागीय आश्वासन के बाद छात्रों ने अपना धरना तो स्थगित कर दिया है, लेकिन ग्रामीण अभी भी मोर्चे पर डटे हुए हैं। विद्यालय में स्वीकृत पांच शिक्षकों के पदों के सापेक्ष वर्तमान में चार अध्यापक नियमित रूप से तैनात हैं, लेकिन मुख्य विषय अंग्रेजी का पद लंबे समय से रिक्त चल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक अंग्रेजी के शिक्षक की स्थाई नियुक्ति नहीं होती, आंदोलन समाप्त नहीं होगा।एक महीने से गायब हैं स्कूल के कर्मचारी, बढ़ा आक्रोशविद्यालय में केवल शिक्षकों की ही कमी नहीं है, बल्कि गैर-शिक्षण स्टाफ की लापरवाही भी चरम पर है। स्कूल में वरिष्ठ सहायक (Senior Assistant) और सहायक (चपरासी) के पद स्वीकृत हैं और इन पर कर्मचारी नियुक्त भी हैं। इसके बावजूद, ये दोनों कर्मचारी पिछले एक महीने से बिना किसी सूचना के विद्यालय से अनुपस्थित चल रहे हैं।कर्मचारियों की इस मनमानी से बच्चों की पढ़ाई और स्कूल के प्रशासनिक कार्य पूरी तरह ठप हो गए हैं, जिससे ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर है।



