देश मना रहा है अमृत महोत्सव,ओर मौली -हुड़ंग के लोग आज भी बीमार को 10 किलो मीटर लाते है डांडी -काठी मै

चमोली –
आखिर कब तक पहाड़ के लोगो को पहाड़ सा जीवन व्यतीत करना पड़ेगा आज भी देश की आजादी के। अमृत महोत्स्व के बाद भी बीमार को दंडी -कांठी के सहारे ही गावो से अस्पताल तक पहुंचाया जायेगा यह स्थिति है चमोली जनपद के निजमुला घाटी के मौली -हुडूगा गाव की जहा बीमार व्यक्तियों को कुर्सी पर बिठाकर अस्पताल तक पहुंचना एक नियति बन गयी है ।
दशोली विकासखंड का सबसे दूरस्थ गांव मौली–हडूंगा आज भी सड़क मार्ग से जुड़ा नहीं है। महिला श्रीमती गुड्डी देवी (पत्नी वीरेंद्र सिंह) पेड़ से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गईं ।लेकिन सड़क न होने के कारण उन्हें ग्रामीणों ने 10 किलोमीटर पगडंडियों और कुर्सियों के सहारे अस्पताल पहुंचाया। जिसमे समय लगा 8 से 10 घंटे लग जाते है यहां की समस्या यह है सडक से दूर होने के करण यहां बीमार ,गर्भवती महिलाएँ 6 महीने बाद गोपेश्वर में कमरा लेकर रहने को मजबूर ,छोटे बच्चों के टीकाकरण के लिए 10 km पैदल 2019 में CM द्वारा सड़क की घोषणा—पर आज भी फाइलों में धूल ,कई धरना, ज्ञापन और गुहार—लेकिन प्रशासन मैन है हम मांग करते हैं कि घोषित सड़क का निर्माण तुरंत शुरू किया जाए.गांव को प्राथमिकता सूची में रखकर स्वास्थ्य और परिवहन सुविधा उपलब्ध कराई जाए। यहां के प्रधान भगत सिंह फरस्वान कहते है कि 2019 मै सी एम घोषणा मै होने के बाद भी आज -तक मोटर मार्ग निर्माण तो छोड़िये कुछ भी नही हो रहा है



