आईटीबीपी के जवान जम्मू कश्मीर में शहीद

चमोली-
जम्मू-कश्मीर में देश की सेवा करते हुए शहीद हुए वीर सपूत रघुवीर लाल का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव नरगोली-सल्ला रैतोली (पीपलकोटी) पहुंचने पर पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। राजकीय और सैन्य सम्मान के साथ अलकनंदा घाट पर शहीद की अंत्येष्टि की गई
।घर पहुंचते ही गमगीन हुआ माहौल आईटीबीपी में हेड कांस्टेबल के पद पर जम्मू-कश्मीर में तैनात रघुवीर लाल भारत माता की रक्षा करते हुए शहीद हो गए। जैसे ही उनका पार्थिव शरीर पीपलकोटी क्षेत्र के उनके पैतृक गांव ग्राम नरगोली-सल्ला रैतोली पहुंचा, पूरा माहौल अत्यंत गमगीन हो गया। वीर सपूत के अंतिम दर्शन के लिए भारी संख्या में ग्रामीण और क्षेत्रवासी उमड़ पड़े। सभी ने नम आंखों से शहीद को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कारशहीद रघुवीर लाल के पार्थिव शरीर को चमोली स्थित अलकनंदा घाट ले जाया गया। वहां सेना के जवानों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। उपस्थित जनसैलाब ने “भारत माता की जय” और “शहीद रघुवीर लाल अमर रहें” के नारों के साथ नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। सैन्य सम्मान और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच घाट पर उनका अंतिम संस्कार संपन्न हुआ।कांग्रेस परिवार ने प्रकट किया गहरा शोकशहीद रघुवीर लाल का परिवार कांग्रेस पार्टी से जुड़ा हुआ है। इस दुखद सूचना पर ब्लॉक अध्यक्ष शैलेंद्र नेगी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता शहीद के आवास पर पहुंचे। उन्होंने शोक-संतप्त परिजनों से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया और दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि दी।इस दुख की घड़ी में परिजनों को सांत्वना देने और श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाब सिंह बिष्ट, गिरीश आर्य, गोविंद सजवाण, बिपिन फर्स्वाण, मदन लोहानी, गोवर्धन टम्टा, सचिन गडिया, सुनील हटवाल, हरेंद्र पंवार और रघुनाथ फर्स्वाण आदि प्रमुख रूप से शामिल रहे।कांग्रेस परिवार ने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि वे इस कठिन समय में शहीद के परिवार के साथ खड़े हैं। ईश्वर से प्रार्थना है कि वे पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और परिवार को इस असीम कष्ट को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।



