पिछले 6 माह से लगातार अनुपस्थित अतिथि शिक्षक, रसायन विज्ञान की पढ़ाई प्रभावित; अभिभावकों ने दी आंदोलन की चेतावनी
पोखरी (चमोली)
हापला घाटी के राजकीय इंटर कॉलेज गोदली मै रसायन विज्ञान के अथिति प्रवक्ता राजेंद्र ममगाईं के अप्रैल माह से लगातार विद्यालय से अनुपस्थित रहने का मामला सामने आया है। शिक्षक की अनुपस्थिति के चलते छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित होने का आरोप लगाते हुए एसएमसी एवं अभिभावक संघ ने मुख्य शिक्षा अधिकारी चमोली को ज्ञापन भेजकर शीघ्र कार्रवाई की मांग की है।
पोखरी विकास खंड के दुरस्त क्षेत्र गोदली मै अथिति शिक्षक का इंतजार करते ज़ब छात्र-छात्राओं थक गयी तो उनको अपनी पढ़ाई को लेकर चिंता होने लगी तब जाकर छात्र – छात्रों अमीषा, अनुज, हैप्पी और प्रियंक सहित सभी छात्रों ने बताया कि लंबे समय से रसायन विज्ञान के शिक्षक के विद्यालय में उपस्थित नहीं रहने के कारण विषय की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इससे आगामी परीक्षाओं को लेकर छात्रों और उनके अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है।
अभिभावक संघ की बैठक के दौरान भी कई अभिभावकों ने बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने पर चिंता जताई। अभिभावकों का कहना है कि विभाग की लापरवाही के कारण उनके बच्चों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षक लंबे समय से बीमार चल रहे हैं तो विभाग को नियमानुसार वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित न हो। वहीं विद्यालय के प्रधानाचार्य आरसी सैलानी ने बताया कि शिक्षक को कई बार कारण बताओ नोटिस जारी किए जा चुके हैं। उनका वेतन भी रोका गया है तथा पूरे मामले से उच्च अधिकारियों को पत्राचार के माध्यम से अवगत कराया गया है।
प्रभारी खंड शिक्षा अधिकारी नेहा भट्ट ने दूरभाष पर बताया कि मामला उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने कहा कि जल्द ही इस विषय में संबंधित शिक्षक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इधर, अभिभावक संघ के अध्यक्ष दीपक कुमार, ग्राम प्रधान कल्पना देवी, रजनी देवी, अक्षय नेगी, संजय नेगी, सूरज राणा, किशन नेगी, रमेश राणा और रमेश नेगी सहित बड़ी संख्या में अभिभावक मौजूद रहे। अभिभावकों ने चेतावनी दी कि यदि मामले में शीघ्र कार्रवाई करते हुए विद्यालय में रसायन विज्ञान की पढ़ाई के लिए वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। बताया जा रहा है कि संबंधित शिक्षक लंबे समय से बीमारी के चलते विद्यालय नहीं आ पा रहे हैं। ऐसे में अभिभावकों ने विभाग से मांग की है कि शिक्षक की अनुपस्थिति की स्थिति को देखते हुए तत्काल वैकल्पिक शिक्षक की व्यवस्था की जाए, जिससे छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित न हो।



