73वीं पुण्यतिथि पर डीएलएड प्रशिक्षुओं ने कविताओं और लेखों के माध्यम से दी श्रद्धांजलि

73वीं पुण्यतिथि पर डीएलएड प्रशिक्षुओं ने कविताओं और लेखों के माध्यम से दी श्रद्धांजलि
गौचर।
हिंदी दिवस के अवसर पर हिमवंत कवि चंद्र कुंवर बर्त्वाल की 73वीं पुण्यतिथि पर जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) गौचर के सभागार मेंदिवसत कर कार्यक्रम की शुरुआत की और अतिथियों का स्वागत किया।
इस दौरान अंशिका बड़ोनी, लोकेश, जयदीप खत्री, सुबोध उनियाल एवं सक्षम जोशी ने चंद्र कुंवर बर्त्वाल के जीवन, साहित्यिक योगदान और उनकी कविताओं एवं लेखों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। छात्र-छात्राओं ने उनकी रचनाओं के माध्यम से हिमालय, प्रकृति और मानवीय संवेदनाओं से जुड़ी उनकी साहित्यिक चेतना को सामने रखा। कार्यक्रम में स्वचरित कविताओं का भी पाठ किया गया।
मुख्य अतिथि वरिष्ठ पत्रकार भुवन नौटियाल ने कहा कि चंद्र कुंवर बर्त्वाल ने हिंदी साहित्य और लेखनी के क्षेत्र में अपनी अनूठी छाप छोड़ी है। उनकी रचनाएं आज भी नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। हिमालय की प्रकृति, संस्कृति और जीवन को जिस संवेदनशीलता के साथ उन्होंने अपनी रचनाओं में अभिव्यक्त किया, वह उन्हें हिंदी साहित्य में विशिष्ट स्थान प्रदान करता है।
उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को ऐसे साहित्यकारों के जीवन और रचनाओं से परिचित कराना समय की आवश्यकता है, ताकि हमारी साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत आगे भी जीवंत बनी रहे। कार्यक्रम का संचालन भानु प्रकाश नेगी ने किया। इस अवसर पर ईश्वर राणा, खुशाल सिंह असवाल, गोविन्द सिंह बिष्ट, हेमा नेगी, संदीप कुमार सहित डायट लोकेश, हेमंत सिंह, मनीष, हिमांशु, जयदीप, सुबोध, अंशिका, आईशा , भावना, गुंजन, डॉली, संजना, अनमोल, लक्ष्मण, पंकज, प्रशांत, वैभव, राहुल, विपिन, गायत्री, सुमन, देवेंद्र, निशा, अमृता, सक्षम,अनिल राणा प्रदीप चौहान ईश्वर सिंह राणा भी जोड़ दीजिये हमारे साथ छात्र-छात्राएं एवं अन्य लोग मौजूद रहे।


