नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल की कठोर कारावास की सजा।
विशेष सत्र न्यायाधीश की अदालत ने सुनाया फैसला,
20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया
चमोली –
चमोली की विशेष सत्र न्यायाधीश की अदालत ने नाबालिग लड़की को घर से भगाकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाने के आरोपी को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा न करने पर एक वर्ष का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
विशेष लोक अभियोजक सुधीर सिंह के अनुसार, 25 सितंबर को विशेष सत्र न्यायाधीश चमोली विन्ध्याचल सिंह की अदालत ने यह फैसला सुनाया। आरोपी अमित कुमार को भारतीय दंड संहिता और पॉक्सो अधिनियम की विभिन्न धाराओं में दोषी पाया गया। मामले के अनुसार, दो जनवरी 2023 को पीड़िता के पिता ने पुलिस को तहरीर दी थी कि उनकी पुत्री को अमित कुमार घर से भगाकर ले गया है। काफी खोजबीन के बाद भी उसका पता नहीं चल पाया। पुलिस ने मामले में गुमशुदगी दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस ने विवेचना के दौरान आरोपी के निशानदेही पर पीड़िता को बरामद किया। विवेचक उपनिरीक्षक मीना रावत ने पीड़िता के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। अभियोजन पक्ष की ओर से न्यायालय में 12 गवाहों को परीक्षित कराया गया। साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।



