सेना के बैंड की गूंज और ‘वाहेगुरु जी’ के जयकारों के बीच शीतकाल के लिए बंद हुए हेमकुण्ड साहिब के कपाट

सेना के बैंड की गूंज और ‘वाहेगुरु जी’ के जयकारों के बीच शीतकाल के लिए बंद हुए हेमकुण्ड साहिब के कपाट
3,84,573 से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन, पाकिस्तान से आए 40 सदस्यीय सिख जत्थे सहित हजारों श्रद्धालु बने वर्ष की अंतिम अरदास के साक्षी

चमोली –
सिखों के पवित्र तीर्थस्थल श्री हेमकुण्ड साहिब और पौराणिक श्री लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के कपाट शनिवार को विधि-विधान के साथ शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। सेना के बैंड की मधुर धुनों, शबद-कीर्तन और वर्ष की अंतिम अरदास के बीच श्रद्धालुओं ने भावुक मन से मत्था टेककर अगले यात्रा सीजन तक विदाई ली। इस वर्ष 23 मई से शुरू हुई यात्रा में 3,84,573 से अधिक श्रद्धालुओं ने हेमकुण्ड साहिब पहुंचकर गुरु दरबार में शीश नवाया। कपाट बंद होने के अवसर पर पाकिस्तान से आए 40 सदस्यीय सिख श्रद्धालुओं के जत्थे सहित हजारों श्रद्धालु इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने।
लगभग 15 हजार फीट से अधिक की ऊंचाई पर स्थित हेमकुण्ड साहिब में सुबह सुखमणी साहिब के पाठ के साथ धार्मिक कार्यक्रम शुरू हुए। इसके बाद शबद-कीर्तन हुआ और दोपहर में अंतिम अरदास की गई। हुक्मनामा लेने के बाद गुरु ग्रंथ साहिब को पंज प्यारों की अगुवाई में सेना के बैंड की धुनों के बीच दीवान हॉल से सचखंड साहिब में सुशोभित किया गया। इसके साथ ही हेमकुण्ड साहिब और लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। बर्फ से ढकी सप्तश्रृंग घाटी के बीच श्रद्धालु पूरे समय भक्ति और आध्यात्मिक भाव में लीन नजर आए।
दुर्गम रास्तों पर पुलिस और एसडीआरएफ की मुस्तैदी
यात्रा के दौरान भारी बारिश, बर्फबारी, कड़ाके की ठंड और फिसलन भरे पहाड़ी रास्तों ने श्रद्धालुओं की राह चुनौतीपूर्ण बनाए रखी। इसके बावजूद चमोली पुलिस और एसडीआरएफ के जवान सुरक्षा एवं सहायता के लिए लगातार मुस्तैद रहे। पुलिस अधीक्षक चमोली सुरजीत सिंह पंवार के निर्देशन में श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही और यात्रा व्यवस्थाओं पर निगरानी रखी गई। दुर्गम मार्गों पर जवानों ने जरूरतमंद श्रद्धालुओं की मदद कर उन्हें सुरक्षित रास्ता पार कराने में सहयोग दिया।
गुरुद्वारा प्रबंधन ने जताया आभार
गुरुद्वारा श्री हेमकुण्ड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा और वरिष्ठ प्रबंधक सरदार सेवा सिंह ने यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, मुस्तैदी और प्रबंधन के लिए गोविंदघाट के प्रभारी निरीक्षक चित्रगुप्त सिंह तथा घांघरिया चौकी प्रभारी अमनदीप सिंह की विशेष सराहना की। उन्होंने चमोली पुलिस के सहयोग के लिए आभार भी व्यक्त किया। इस दौरान ट्रस्ट के मैनेजर मोनू सिंह, ग्रंथी हामिद सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे। यात्रा के समापन पर श्रद्धालुओं ने भी पुलिस और एसडीआरएफ के जवानों के सेवाभाव और तत्परता की सराहना की। आस्था, अनुशासन और सेवा के संगम के साथ हेमकुण्ड साहिब की इस वर्ष की यात्रा संपन्न हुई।



