नारायणबगड़ स्वास्थ्य केंद्र के उच्चीकरण की मांग तेज, धरना स्थल पर पहुंचे सीएमओ डॉ. राजीव पाल

नारायणबगड़,-
नारायणबगड़ स्वास्थ्य केंद्र के उच्चीकरण की मांग को लेकर 12 अक्टूबर से जारी धरना लगातार जारी है। आंदोलनकारियों की मांगों के बीच मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) डॉ. राजीव पाल धरना स्थल पर पहुंचे और आंदोलनकारियों से वार्ता कर क्षेत्र की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के निराकरण का आश्वासन दिया। इस दौरान उन्होंने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण कर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
आंदोलनकारियों ने कहा कि नारायणबगड़ स्वास्थ्य केंद्र के उच्चीकरण की मांग क्षेत्रीय जनता और जनप्रतिनिधियों द्वारा पिछले कई वर्षों से उठाई जा रही है, लेकिन अभी तक इस दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है। क्षेत्र में पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाओं और विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के कारण मरीजों को उपचार के लिए अन्य स्थानों का रुख करना पड़ता है। इससे विशेषकर आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों और उनके परिजनों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
आंदोलनकारियों ने सीएमओ को ज्ञापन सौंपकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का उच्चीकरण कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बनाने की मांग की। उन्होंने इसके लिए शासन स्तर पर आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर विधिवत घोषणा किए जाने की भी मांग उठाई। साथ ही चेतावनी दी कि यदि मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया तो क्षेत्रवासी और जनप्रतिनिधि उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
जिला पंचायत सदस्य ने उठाया 108 एंबुलेंस की बदहाली का मुद्दा-
धरना स्थल पर जिला पंचायत सदस्य प्रदीप बुटोला ने जिले में 108 आपातकालीन एंबुलेंस सेवा की बदहाल स्थिति पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि जिले में संचालित 24 एंबुलेंस में से केवल तीन ही सही स्थिति में हैं, जबकि शेष वाहन जर्जर हालत में हैं।
उन्होंने नारायणबगड़ में संचालित 108 एंबुलेंस की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां वाहन को स्टार्ट करने के लिए धक्का लगाना पड़ता है।
जनाक्रोश रैली, क्षेत्रीय जनता से एकजुट होने की अपील – स्वास्थ्य केंद्र के उच्चीकरण की मांग को लेकर आंदोलनकारियों ने रविवार, 18 अक्टूबर को जनाक्रोश रैली निकालने का आह्वान किया है। उन्होंने क्षेत्र की समस्त जनता, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों से रैली में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर आंदोलन को समर्थन देने की अपील की है। आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।



