
देहरादून – आगामी कुछ दिनों में विभिन्न जनपदों के लिए जारी रेड एवं ऑरेंज अलर्ट के मद्देनज़र अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी-प्रशासन श्री आनंद स्वरूप ने सभी जिलों के आपदा प्रबंधन अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की। इस दौरान सभी जिलों की मौजूदा स्थिति, वर्षा, जलभराव वाले क्षेत्रों तथा प्रभावित इलाकों की जानकारी ली।
जिन जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी है, वहां विशेष सतर्कता बरती जाए और अगले तीन दिनों के भारी वर्षा के पूर्वानुमान को देखते हुए किसी भी चुनौती से निपटने के लिए फील्ड स्तर तक तैयारियां सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने, नदियों का जल स्तर बढ़ने की स्थिति में नदी किनारे रहने वाले लोगों को पूर्व सूचना देने और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए नदी किनारों और संवेदनशील इलाकों में अलार्म सिस्टम को सक्रिय रखने एवं चेतावनी संकेत बोर्ड लगाए जाएं।
श्री आनंद स्वरूप ने कहा कि मैदानी क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए नाव, राफ्ट जैसी व्यवस्थाएं पहले से अलर्ट मोड पर रखी जाएं। साथ ही जेसीबी और पोकलैंड मशीनों की एडवांस व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि सड़क बंद होने की स्थिति में त्वरित कार्रवाई हो सके। उन्होंने कहा कि राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र को हर परिस्थिति की जानकारी तुरंत उपलब्ध कराई जाए। जो भी मौसम संबंधी अलर्ट राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से जनपदों को भेजे जा रहे हैं, उन्हें आम जन तक पहुंचाया जाएं।
बैठक में अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रियान्वयन डीआईजी श्री राजकुमार नेगी ने कहा कि जितनी बेहतर तैयारी होगी, उतना ही प्रभावी ढ़ंग से आपदाओं का सामना किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि जिलों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और आईआरएस को 24 घंटे सक्रिय रखने की आवश्यकता है।
श्री राजकुमार नेगी ने कहा कि जनपदों के ऊपरी क्षेत्रों में वर्षा की स्थिति पर विशेष नजर रखी जाए, क्योंकि वहां अधिक वर्षा होने पर निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ की आशंका बढ़ सकती है। उन्होंने सभी अधिकारियों से कहा कि आने वाले कुछ दिन चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं, इसलिए 24 घंटे सतर्क और अलर्ट मोड पर रहना अनिवार्य है।
इस अवसर पर संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी मो0 ओबैदुल्लाह अंसारी, डॉ. पूजा राणा, श्री हेमंत बिष्ट, डॉ. वेदिका पन्त एवं श्रीमती तंद्रीला सरकार आदि मौजूद रहे।



