उत्तराखंड

जिला चिकित्सालय गोपेश्वर को मिला कायाकल्प का प्रथम पुरस्कार*

चिकित्सालय को 50 लाख रूपये कि धनराशि पुरस्कार

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गोपेश्वर –

माननीय प्रधानमंत्री द्वारा 02 अक्टूबर 2014 को शुरू किया गया स्वच्छ भारत अभियान सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता पर केंद्रित है। यह स्पष्ट है कि सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं में स्वच्छता और स्वास्थ्यवर्धक वातावरण बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है और यह मरीजों व उनके तीमारदारों को सकारात्मक अनुभव प्रदान करता है। साथ ही चिकित्सालयों में स्वच्छ वातावरण व सकारात्मक व्यवहार विकसित करने हेतु प्रोत्साहित करता है। इसे देखते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार ने एक राष्ट्रीय पहल शुरू की जिसके तहत उन सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं को पुरस्कार दिए जाएंगे जो स्वच्छ स्वास्थ्यवर्धक वातावरण और संक्रमण नियंत्रण के उच्च स्तर को प्रदर्शित करती हैं। इसे चिकित्सालयों को कायाकल्प का नाम दिया गया।कल्याकल्प के उद्देश्य

1. चिकित्सालयों में स्वच्छता, स्वास्थ्यवर्धक वातावरण और संक्रमण नियंत्रण को बढ़ावा।

2. चिकित्सालयों में चल रही उत्कृष्ट चिकित्सा इकाईयों को प्रोत्साहन व मान्यता।

3. चिकित्सालयों में स्वच्छता और स्वास्थ्यवर्धक वातावरण का निरंतर मूल्यांकन व सहकर्मी समीक्षा की संस्कृति विकसित करना।

4. स्वास्थ्य में सुधार हेतु टिकाऊ और साझा करने योग्य प्रथाओं का निर्माण जिससे स्वास्थ्य परिणाम बेहतर हों।

प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ0 अनुराग धनिक ने बताया कि कायाकल्प पुरस्कार के चयन हेतु चिकित्सालय का तीन चरणों में मूल्यांकन किया जाता हैं। सर्वप्रथम चिकित्सालय के गुणवत्ता टीम द्वारा आंतरिक मूल्यांकन उसके बाद अन्य जनपदों के गुणवत्ता टीम तथा अंतिम मूल्यांकन राज्य स्तर द्वारा गठित गुणवत्ता मूल्यांकन टीम द्वारा किया जाता है। इसमें पूरे राज्य में सबसे अधिक अंक प्राप्त करने वाले चिकित्सालय को पुरस्कृत किया जाता है।

कायाकल्प मूल्यांकन स्कोर निम्नलिखित मानकों पर आधारित है:-

1. चिकित्सालय/सुविधा का रखरखाव

2. स्वच्छता और स्वास्थ्यवर्धक वातावरण

3. अपशिष्ट प्रबंधन

4. संक्रमण नियंत्रण

5. सहायक सेवाएं

6. स्वास्थ्य एवं स्वच्छता को बढ़ावा देना

7. चिकित्सालय परिसर एवं बाहरी दीवार की स्वच्छता

8. पर्यावरण अनुकूल सुविधा

इसी के तहत वित्तीय वर्ष 2024-25 में जिला चिकित्सालय गोपेश्वर, चमोली को पूरे राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है और इसके लिए चिकित्सालय को 50 लाख रूपये कि धनराशि पुरस्कार स्वरुप प्रदान की जाएगी यह जनपद चमोली के लिए गर्व की बात है कि सीमित संसाधनों एवं विकट प्रस्थितियों में जिला चिकित्सालय गुणवत्ता के क्षेत्र में नये – नये आयाम हासिल कर रहा है, उन्होंने यह भी बताया कि यह कार्य चिकित्सालय में कार्यरत गुणवत्ता प्रबंधक रणजीत सिंह के इस कार्य के प्रति समर्पण एवं चिकित्सालय के गुणवत्ता टीम की मेहनत एवं समस्त चिकित्सा अधिकारियों/कर्मचारियों तथा जनपदीय गुणवत्ता सलाहकार खीम सिंह के सहयोग से ही यह संभव हो पाया है। इससे पूर्व भी वित्तीय वर्ष 2016-17 में जिला चिकित्सालय को यह पुरस्कार प्राप्त हो चुका है।

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