
चमोली –
चमोली जनपद के पीपलकोटी स्थित निर्माणाधीन टीएचडीसी विष्णुगाड़–पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना में मंगलवार को हुई दुर्घटना पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गंभीर संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री ने घटना की जानकारी मिलते ही जिलाधिकारी चमोली से दूरभाष पर वार्ता कर पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी प्राप्त की और हादसे में घायल सभी श्रमिकों को सर्वोत्तम चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही आवश्यकता पड़ने पर घायलों को उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर करने के भी निर्देश दिए गए।
उल्लेखनीय है कि मंगलवार को परियोजना की टीबीएम साइट पर शिफ्ट परिवर्तन के दौरान सुरंग के भीतर मजदूरों को लाने-ले जाने वाली दो लोको ट्रेनों की आपस में टक्कर हो गई थी। दुर्घटना के समय सुरंग के भीतर कुल 109 श्रमिक मौजूद थे। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई, जिसके बाद परियोजना प्रबंधन, प्रशासन और पुलिस द्वारा त्वरित राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया।
| मुख्यमंत्री का निर्देश—
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि घायलों के उपचार में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और सभी आवश्यक संसाधन तत्काल उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने प्रशासन को स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखने के निर्देश भी दिए।
हादसे की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी चमोली गौरव कुमार एवं पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार तत्काल जिला चिकित्सालय गोपेश्वर पहुंचे। उन्होंने वहां भर्ती घायलों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना तथा चिकित्सकों को समुचित और बेहतर उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने अस्पताल में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं की भी समीक्षा की।
प्रशासनिक जानकारी
जिलाधिकारी गौरव कुमार ने बताया कि दुर्घटना में घायल 70 श्रमिकों को उपचार के लिए जिला चिकित्सालय गोपेश्वर लाया गया था। इनमें से 66 श्रमिकों को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया है, जबकि 4 श्रमिकों को एहतियातन जिला चिकित्सालय में भर्ती किया गया है। इसके अतिरिक्त पीपलकोटी स्थित विवेकानंद चिकित्सालय में 18 श्रमिकों का प्राथमिक उपचार कर उन्हें छुट्टी दे दी गई है।
जिलाधिकारी ने यह भी बताया कि घटना में 21 श्रमिकों को किसी प्रकार की चोट नहीं आई थी, वे मौके से ही अपने घर चले गए थे। सभी भर्ती घायलों की स्थिति स्थिर बताई जा रही है और वे खतरे से बाहर हैं।
| सुरक्षा व्यवस्था पर जोर
प्रशासन की ओर से परियोजना प्रबंधन को निर्देश दिए गए हैं कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए सुरंग के भीतर परिवहन एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की जाए और सभी सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री कार्यालय और जिला प्रशासन पूरे मामले पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं। वहीं, हादसे के बाद परियोजना क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर श्रमिकों और उनके परिजनों में चिंता का माहौल है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि घटना की पूरी जांच कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे, ताकि भविष्य में इस प्रकार की दुर्घटनाओं से बचा जा सके।


