आपदा के मनको को शिथिल किया जाय – नेगी
सरकार ने मानसून सत्र को डेड दिन खत्म कर जनता से दिखा किया

गौचर।
प्रतापनगर के विधायक बिक्रम सिंह नेगी ने कहा कि कांग्रेस ने दैवीय आपदा के मानको में शीथली करण करने का मुद्दा उठाया तो सरकार ने चर्चा से बचने के लिए चार दिन के सत्र को डेढ़ दिन में ही समाप्त कर जनभावनाओं के खिलवाड़ करने का काम किया है।
भराड़ीसैंण में आयोजित विधानसभा सत्र से लौटते समय गौचर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा ने चार दिन के सत्र को डेढ़ दिन में समाप्त कर जनता की भावनाओं के साथ खिलवाड़ करने का काम किया है। उनका कहना था भाजपा एक ही राग अलापती रही कि कानून व्यवस्था का मामला सब जूडिशल है। लेकिन जब कि एक आध मामले को छोड़कर कानून व्यवस्था सब जूडिशल नहीं होता है। उनका कहना था नैनीताल में जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में जो नंगा नाच कर गोलियां व तलवार चलाई गई इससे साफ़ जाहिर होता है कि प्रदेश में कानून व्यवस्था नाम की चीज रह ही नहीं गई है। उनका कहना था कि भाजपा कांग्रेस पर आरोप ला रही है कि कांग्रेस के विधायक सदन में सोने गए। उनका कहना था कि हमने सदन में चर्चा करने के लिए डेरा डाला तब भी भाजपा की समझ में नहीं आया। उनका कहना था कि क्षेत्र की जनता आपदा से त्रस्त है और सरकार के मानक लालीपाप से ज्यादा कुछ नहीं हैं। इसलिए कांग्रेस दैवीय आपदा के मानकों में बदलाव करने की मांग उठना चाहती थी ताकि जरूरत मंदों को उचित मुआवजा मिल सके। उन्होंने कहा कि सरकार पहाड़ में कच्चे भवनों के हिसाब से मुआवजा के मानक बना रही है। जबकि अब कहीं भी कच्चे भवन हैं ही नहीं। सरकार के मानक के हिसाब से पूर्ण क्षतिग्रस्त भवन के लिए 1 लाख 30 तय किया गया है। इतनी धनराशि में मकान बनता है क्या । कांग्रेस इसे तीन लाख तक दिए जाने की मांग कर रही थी। दैवीय आपदा से प्रदेश की तमाम सड़के बंद पड़ी हुई है अकेले मेरी विधानसभा में 80 सड़कें बंद है पड़ी हैं सरकार सुनने को तैयार नहीं है। इस अवसर पर कांग्रेस के जिलाध्यक्ष मुकेश नेगी ,अजय किशोर भंडारी, प्रकाश चौधरी,लक्ष्मण पटवाल, कुलदीप बिष्ट, सभासद विनोद कनवासी आदि भी मौजूद थे। इससे पूर्व कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका फूल माला से स्वागत किया।



