कई फर्जी बैंक खाते खोलकर हड़प लिया करोड़ों का लोन मुकदमा दर्ज

चमोली – उत्तरांचल ग्रामीण बैंक मै एक बड़ा फर्जी वाड़ा सामने आने से प्रबंधक ने करोड़ो का लोन ऐसे लोगो के नाम किया जो अब इस दुनिया नही है या फिर जो कुछ नही करते उन्हे शिक्षक दिखा कर 3 करोड़ से अधिक का चुना लगा कर फरार हो गया है ।
प्राप्त जानकारी के अनुसार फर्जीवाड़ा बैंक के पूर्व प्रबंधक। अनुराग पुंडीर ने करोड़ों का लोन के नाम भी दस्तावेजों को सरकारी शिक्षक उनके नाम से फर्जी खातों में होने के चलते को शक भी पर्दाफाश होने मुकदमा दर्ज करने के बाद वह फरार हो गया है। तिलफारा सहायता समूह अपना बैंक ग्रामीण बैंक पहुं उसका पहले से 32 लाख का लोन शक होने पर पता चला की तो 2025 से उसके नाम पर गोपेश्वर के उत्तराखंड ग्रामीण बैंक में फर्जी लोन सामने आया है। पूर्व प्रबंधक पुंडीर बड़ा प्रबंधक ने फर्जी खाते खोलकर करोड़ों का लोन हड़प लिया। मृतकों के नाम भी लोन लिया गया। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पांच लोगों को सरकारी शिक्षक, कर्मचारी बनाकर फर्जी खातों में लगातार किस्त जमा से भी लोन लिया होने के चलते बैंक के अधिकारियों को शक भी नहीं हुआ। मामले का पर पर्वफाश होने पर आरोपित के विरुद्ध मुकदमा दर्ज हो गया है। निलंबित होने के बाद वह फरार है।
तिलफारा गांव की स्वयं सहायता समूह से जुड़ी एक महिला अपना बैंक खाता खुलवाने के लिए अमोण बैंक पहुंची खेल तो पता चला कि उसका पहले से खाता है। उस पर 32 लाख का लोन भी चल रहा है। खात शक होने पर शाखा प्रबंधक ने जांच की तो पता चला कि 2022 से 2025 तक अपनी तैनात के दौरान 19 तत्कालीन लाख का प्रबंधक फर्जी लोन ने तीन पास करोड़ करवाया था। यह रकम खुद और अपने पिता के देहरादून स्थित बैंक खातों में हस्तांतरित की गई। जांच अधिकारी सीनियर मैनेजर सुधीर कुमार ने बताया कि आरोपित ने पांच ऐसे लोगों के नाम से लिमिट बनाई है
गोपेश्वर में उत्तराखंड ग्रामीण बैंक में पूर्व प्रबंधक का बड़ा फर्जीवाड़ाकई फर्जी बैंक खाते खोलकर हड़प लिया करोड़ों का लोन मुकदमा दर्ज जो सरकारी कर्मचारी नहीं हैं। उनके नाम से भी 30-30 लाख की धनराशि आहरित की गई। एक पुलिस कर्मी के नाम भी लिमिट बनाई गई है, जबकि उनकी मौत होने के बाद उनका खाता बंद करा दिया गया था। इस लोन पर किस्त जमा हो रही है। आरोपित बैंक प्रबंधक से बात करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनके तीनों नंबर बंद पाए गए हैं। थानाध्यक्ष गोपेश्वर नरेश राठौर ने बताया कि रिपोर्ट होने दर्ज के बाद सभी बिंदुओं पर जांच लहाल की जा रही है। आरोपित फिलहाल फरार है। बताया जा रहा है कि अनुराग पुंडीर की तैनाती गोपेश्वर स्थित शाखा में 17 अगस्त 2022 को हुई। इस समय तैनाती देहरादून में है।
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