मुख्यमंत्री ने भेजा गुरु पूर्णिमा के अवसर पर शुभकामना संदेश

ज्योतिर्मठ/चमोली-
गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर जनपद चमोली के प्रमुख मंदिरों में पुजारियों, गुरुओं, मठाधीशों एवं संत-महात्माओं को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का शुभकामना संदेश एवं शिष्टाचार भेंट प्रदान की गई। इस क्रम में उपजिलाधिकारी राजकुमार पाण्डेय ने श्री गोपीनाथ मंदिर, गोपेश्वर पहुंचकर मंदिर के पुजारी पंडित अपूर्व भट्ट को मुख्यमंत्री का शुभकामना संदेश भेंट किया।
ज्योतिर्मठ के उपजिलाधिकारी चंद्र शेखर वशिष्ट सहित सभी उपजिलाधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्र के प्रमुख मंदिरों, मठों एवं धार्मिक स्थलों पर पहुंचकर पुजारियों, गुरुओं, मठाधीशों और संत-महात्माओं को मुख्यमंत्री का शुभकामना संदेश एवं शिष्टाचार भेंट प्रदान की तथा उनका आशीर्वाद प्राप्त किया l मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संदेश में गुरु पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए समस्त पुजारियों, गुरुओं, मठाधीशों एवं संत-महात्माओं के प्रति गहरी श्रद्धा एवं सम्मान व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मंदिरों में होने वाली लोककल्याण की अनवरत प्रार्थनाएं तथा आध्यात्मिक चेतना पूरे प्रदेश को सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करती हैं। उन्होंने कहा कि संत-महात्माओं का आशीर्वाद उन्हें जनता की सेवा का दायित्व पूर्ण निष्ठा, समर्पण एवं धर्म के मार्ग पर निभाने की निरंतर प्रेरणा देता है। मुख्यमंत्री ने समाज में नैतिक मूल्यों, शांति, सद्भाव एवं समरसता की स्थापना में संत समाज की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए सभी संत-महात्माओं के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं सतत सान्निध्य की कामना की।
ज्योतिर्मठ के प्राचीन गद्दी स्थल मे गुरु पूर्णिमा पर विशेष पूजा, कीर्तन/भजन एवं विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, ज्योतिर्मठ के अन्य मठ मंदिरों मे भी गुरु पूर्णिमा पर्व उत्साह के साथ मनाया गया। पीठ पुरोहित पंडित ऋषि प्रसाद सती ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार ब्यक्त करते हुए ज्योतिर्मठ बद्रीकाश्रम की ओर से उनके दीर्घायु की कामना करते हुए प्रदेश तथा जनपद चमोली की सूख समृद्धि, शाँति, खुशहाली एवं सर्वांगीण विकास के लिए भगवान भगवान बद्रीविशाल से प्रार्थना की।
जिलाधिकारी गौरव कुमार ने भी गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर समस्त जनपदवासियों को शुभकामनाएं देते हुए जनपद चमोली एवं प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति, खुशहाली और निरंतर प्रगति की कामना की। उन्होंने कहा कि गुरु परंपरा भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जो समाज को ज्ञान, संस्कार एवं सदाचार के मार्ग पर अग्रसर करती है।



