महिलाओं को वन्य जीवों के हमले से बचाएगी रिफ्लेक्टिंग जैकेट
महिलाओ को दिया जायेगा रिफ्लेक्टिंग जैकेट ताकि जगलो मै घास को गयी महिलाओ पर न हो हमले
श्रीनगर गढ़वाल –
वन विभाग गुलदार, भालू प्रभावित गांवों में चारापत्ती के लिए जंगल जाने वाले महिलाओं की सुरक्षा के लिए उन्हें रिफ्लेक्टिंग जैकेट मुहैया कराएगा। पहले चरण में 20 अति संवेदनशील गांवों में महिलाओं को यह जैकेट दी जाएंगी। इसके बाद रेंजवार अन्य प्रभावित गांवों का चयन किया जाएगा। विभाग इन जीवन रक्षक जैकेट की माइक्रो प्लान के तहत खरीद करेगा।
गढ़वाल वन प्रभाग की कुल 11 रेंज हैं, जिसमें ज्यादातर में वन्य जीव का आतंक बना है। बीते तीन वर्षों में भालू व गुलदार के हमले से 20 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, 267 लोग घायल हो चुके हैं। मृतक व घायलों में सबसे ज्यादा महिलाएं हैं और उनके साथ यह घटनाएं उस समय हुईं, जब वह खेतों में काम कर रहीं थीं, या जंगल चारापत्ती के लिए गईं हुईं थी। बीते 20 नवंबर को कोटी गांव में भी गुलदार ने जिस महिला को मारा, वह खेत में घास काट रही थीं। घटना के बाद से महिलाओं में दशहत बनी हुई है। वह, समूह में खेतों व जंगल जा रही हैं। अब, वन विभाग महिलाओंगांव पहले चरण में चिह्नित 20 होंगे अति संवेदनशीला यह होती है रिफ्लेक्टिंग जैकेटरि फ्लेक्टिंग जैकेट सामान्य कपड़ों की तुलना में कई गुना दूर से नजर आ जाती है। पीले या नारंगी रंग की इस जैकेट पर लगी सिल्वर रिफ्लेक्टिव पट्टियां वाहन की हेडलाइट या टार्च की रोशनी पड़ते ही तेज चमक बिखेरती हैं। इससे सड़क पर काम कर रहे मजदूरों, ट्रैफिक पुलिस, वन गुलदार व वन्य जीव प्रभावित गांवों में महिलाओं की सुरक्षा के लिए उन्हें रिफ्लेक्टिंग जैकेट उपलब्ध कराई जाएगी।
पहले चरण में पूरे प्रभागीय क्षेत्र में 20 अति संवेदनशील गांवों को चिन्हित किया जा रहा है। इसके बाद सभी रेंज में गांवों का चयन कर यह जैकेट खेतीबाड़ी व पशुपालन से जुड़ी महिलाओं को दी जाएगी। साथ ही उन्हें जैकेट के बारे में प्रशिक्षित भी किया जाएगा।
अभिमन्यु सिंह, डीएफओ गढ़वाल प्रभाग, पौड़ी
विभाग के कर्मचारियों और रात में सफर करने वालों को चालक या अन्य लोग दूर से पहचान लेते हैं। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि तेज रंग और चमक के कारण जंगली जानवर इंसान की मौजूदगी को दूरी से भांप लेते हैं, जिससे आकस्मिक टकराव की घटनाएं कम होती है। वन्य जीवों के हमले से बचाने के लिए रिफ्लेक्टिंग जैकेट उपलब्ध कराएगा। इस जैकेट को पहनकर महिलाएं अपना खेतीबाड़ी व पशुपालन से जुड़ा कार्य कर सकेंगी। विभागीय स्तर पर महिलाओं को जैकेट पहनकर सुरक्षा के बारे में जानकारी दी जाएगी। गढ़वाल वन प्रभाग द्वारा पहले चरण में पौड़ी जिले में वन्य जीव आतंक से प्रभावित 20 अति संवेदनशील गांवों को चिन्हित किया जा रहा है। इन गांवों में प्राथमिकता से यह जैकेट मुहैया कराई जाएंगी। इसके बाद चरणबद्ध रेंजवार प्रभावित गांवों में यह रिफ्लेक्टिंग जैकेट महिलाओं को दी जाएंगी।


