ज्योर्तिमठ की तर्ज पर थराली के विस्थापन की मांग, नगर पंचायत अध्यक्ष ने सौंपा 11 सूत्रीय ज्ञापन

थराली –
नगर पंचायत थराली ने आपदा प्रभावित नगर क्षेत्र के समग्र समाधान और पुनर्वास की मांग को लेकर प्रशासन पर दबाव बढ़ा दिया है। नगर पंचायत अध्यक्ष सुनीता रावत ने उप जिलाधिकारी थराली पंकज भट्ट को 11 सूत्रीय ज्ञापन सौंपते हुए ज्योर्तिमठ की तर्ज पर थराली क्षेत्र के विस्थापन और पुनर्निर्माण की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो समस्त क्षेत्रवासी, जनप्रतिनिधि, व्यापार मंडल और समाजसेवी तहसील परिसर में क्रमिक आंदोलन शुरू करेंगे।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि 22 अगस्त 2025 को थराली क्षेत्र में आई भीषण प्राकृतिक आपदा से नगर क्षेत्र में भारी जन-धन की क्षति हुई। कई आवासीय भवन, दुकानें, किरायेदारों और दुकानदारों का सामान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। साथ ही सार्वजनिक शौचालय, मार्ग, पुलिया, नालियां, पार्किंग, नगर पंचायत भवन, सुरक्षा दीवारें और पथ प्रकाश जैसी सरकारी परिसंपत्तियों को भी गंभीर नुकसान पहुंचा। आपदा के चार माह बीत जाने के बावजूद पुनर्निर्माण कार्य शुरू न होने पर गहरी नाराजगी जताई गई।
नगर पंचायत अध्यक्ष ने बताया कि आपदा के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को अस्थायी रूप से जिला पंचायत भवन में स्थानांतरित किया गया था, जिसे अब तक वहीं संचालित किया जा रहा है। उक्त भवन में आवश्यक उपकरणों और सुविधाओं के अभाव में थराली व देवाल विकासखंड के मरीजों को उचित स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पा रहीं, जिससे उन्हें कर्णप्रयाग या बागेश्वर जाना पड़ रहा है। उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र को पुनः मुख्य भवन में संचालित करने की मांग की।
ज्ञापन में थराली आपदा प्रभावित क्षेत्र को ज्योर्तिमठ की तर्ज पर विस्थापित करने, नुकसान के आधार पर उचित मुआवजा देने, प्रभावित दुकानदारों और आवासों को आर्थिक सहायता प्रदान करने तथा नगर पंचायत क्षेत्र के लिए विशेष आर्थिक पैकेज स्वीकृत करने की मांग की गई है। इसके साथ ही संभावित आपदा को देखते हुए पिंडर नदी में प्राणमती, घागली, सिपाही और सुनगाण गधेरों से आए मलबे के निस्तारण, मुख्य बाजार के समीप सुरक्षात्मक कार्य, थराली–कुराड़–पार्था मोटर मार्ग से राड़ी बगड़ तोक में हो रही क्षति पर सुरक्षा कार्य करने की भी मांग शामिल है।
आगामी नंदा राजजात यात्रा को ध्यान में रखते हुए आपदा से क्षतिग्रस्त यात्रा मार्गों, पुलियों, पथ प्रकाश, शौचालय और क्षेत्र के सुंदरीकरण कार्य शीघ्र कराने की मांग भी ज्ञापन में प्रमुखता से उठाई गई। ज्ञापन पर कनिष्ठ प्रमुख राजेश चौहान, पार्षद मोहन पंत, दिवाकर नेगी सहित सैकड़ों ग्रामीणों के हस्ताक्षर दर्ज हैं।


