नंदा राजजात यात्रा के महत्वपूर्ण पड़ाव ‘सेम’ का किया स्थलीय निरीक्षण, ग्रामीणों संग संवाद*

*तोप गाँव में पांडव लीला के समापन अवसर पर एसपी चमोली की शिरकत*
चमोली –
कोतवाली कर्णप्रयाग क्षेत्रान्तर्गत ग्राम तोप में दिनांक 01 जनवरी से 07 जनवरी तक आयोजित सात दिवसीय भव्य पांडव लीला (गैंडा कौथिग) का आज श्रद्धा, आस्था एवं उल्लास के साथ समापन हुआ। समापन समारोह में *पुलिस अधीक्षक चमोली, सुरजीत सिंह पँवार* ने मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग कर देव आशीर्वाद प्राप्त किया।
पुलिस अधीक्षक के ग्राम तोप आगमन पर युवक मंगल दल, महिला मंगल दल तथा ग्राम तोप, भटोली एवं कंडवाल के ग्रामीणों द्वारा पारंपरिक वाद्य यंत्रों, पुष्प मालाओं एवं बैज अलंकरण के साथ भव्य स्वागत किया गया। पांडव लीला के अंतिम दिन का प्रमुख आकर्षण ‘गैंडा वध’ का मंचन रहा। अपने संबोधन में एसपी चमोली सुरजीत सिंह पँवार ने आयोजन की भव्यता एवं अनुशासित संचालन की सराहना करते हुए कहा— *“इस भव्य सांस्कृतिक आयोजन का हिस्सा बनकर मैं स्वयं को सौभाग्यशाली महसूस कर रहा हूँ। व्यस्त पुलिसिंग के बीच जब हम अपनी संस्कृति, परंपराओं और धार्मिक आयोजनों से जुड़ते हैं, तो एक नई ऊर्जा और सकारात्मकता का संचार होता है।
इस अवसर पर राजेन्द्र सिंह सगोई (पूर्व प्रमुख, कर्णप्रयाग), जयवीर सिंह चौधरी (ग्राम पंचायत अध्यक्ष), राजेन्द्र सिंह बिष्ट (अध्यक्ष, पांडव नृत्य समिति), पंकज सिंह बिष्ट (अध्यक्ष, युवक मंगल दल तोप), सुरेन्द्र सिंह पँवार (भूतपूर्व पुलिसकर्मी), प्रभारी निरीक्षक कर्णप्रयाग राकेश भट्ट, भूपेन्द्र गोदियाल (चौकी प्रभारी, नौटी) सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
नंदा राजजात यात्रा के महत्वपूर्ण पड़ाव ‘सेम’ का स्थलीय निरीक्षण*
पांडव लीला के समापन उपरांत एसपी चमोली द्वारा ग्राम सेम का स्थलीय निरीक्षण किया गया। हिमालयी महाकुंभ श्री नंदा देवी राजजात यात्रा में सेम गाँव का विशेष महत्व है, क्योंकि यही वह पड़ाव है जहाँ से यात्रा अपने अगले एवं अधिक दुर्गम चरणों की ओर अग्रसर होती है तथा यहाँ रात्रि विश्राम किया जाता है।
निरीक्षण के दौरान एसपी चमोली ने *वरिष्ठ नागरिकों, प्रबुद्ध जनों एवं स्थानीय ग्रामीणों से संवाद* कर यात्रा मार्ग की स्थिति, यात्रियों के ठहराव की व्यवस्थाओं, सुरक्षा मानकों तथा प्रशासनिक तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की। ग्रामीणों द्वारा पूर्व राजजात यात्राओं के अनुभव एवं आगामी चुनौतियों से संबंधित महत्वपूर्ण सुझाव भी साझा किए गए। इस दौरान *पड़ाव अधिकारी / खंड विकास अधिकारी कर्णप्रयाग, राजकुमार पुरोहित* भी उपस्थित रहे। निरीक्षण के दौरान नई *निर्माणाधीन सड़क, सरकारी भवनों की स्थिति, टेंट लगाने के स्थान तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं* के संबंध में जानकारी प्राप्त की गई।
ग्रामीणों द्वारा सुझाव दिया गया कि सेम गाँव के भीतर की सड़क को नीचे भटोली की सड़क से बायपास के रूप में जोड़ा जाए, जिससे यह एक रिंग रोड की तरह कार्य करेगी और रा यातायात जाम की समस्या से निजात मिल सकेगी।


