नंदाजात में कुरुड़ को पहला पड़ाव बनाया जाए: रौतेला

देहरादून, –
नंदाजात 2026 को लेकर आयोजन समिति ने नंदाजात में नंदाधाम कुरुड़ को प्रथम पड़ाव बनाने की मांग की है।
देहरादून प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में आयोजन से जुड़े लोगों ने शासन-प्रशासन पर नंदाजात की परंपराओं और ऐतिहासिक पड़ावों की उपेक्षा करने का आरोप लगाया। उन्होंने नंदाजात में कुछ पारंपरिक पड़ावों को शामिल न किए जाने पर रोष जताया। कर्नल हरेंद्र सिंह रावत ने बताया कि नंदाजात की औपचारिक तिथि घोषणा 23 जनवरी 2026 (बसंत पंचमी) को मां नंदा देवी सिद्धपीठ मंदिर कुरुड़ मविधि-विधान के साथ की जाएगी। इसके बाद यात्रा कुरुड़ से माता के ससुराल होमकुंड (कैलाश) के लिए रवाना होगी। यह लगभग 280 किमी लंबी पैदल यात्रा है, जो हर 12 वर्ष में आयोजित होती है। समिति ने बताया कि इस मुद्दे पर 17 जनवरी को गांव में 14 स्याणों, तीर्थ पुरोहित और ग्रामीणों की
बैठक होगी। इसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी। पत्रकार वार्ता में माँ नंदा मंदिर समिति के अध्यक्ष सुखबीर रौतेला, नरेश गौड़, परमवीर रौतेला, अशोक गौड़ और भगवती प्रसाद मेंदोली आदि मौजूद रहे।


