हिमपात से 63 गावो का सम्पर्क दुनिया से टूटा,यातायात व विधुत सप्लाई हुई बंद

चमोली –
जनपद चमोली में हुई भारी बर्फबारी ने पहाड़ की रफ्तार थाम दी है। लगातार हिमपात के कारण जिले के 63 से अधिक गांव सफेद चादर में ढक गए हैं, जिससे ग्रामीणों का दैनिक जीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। कई स्थानों पर घुटनों तक बर्फ जमने से लोग घरों में ही सिमटने को मजबूर हैं। सड़क, बिजली और पेयजल जैसी बुनियादी सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं।
मंगलवार से शुरू हुआ हिमपात बुधवार सुबह तक जारी रहा। ऊंचाई वाले क्षेत्रों—बदरीनाथ, हेमकुंड साहिब, रुद्रनाथ और नीती-मलारी घाटी—में लगातार बर्फ गिरती रही। बदरीनाथ धाम में एक से दो फीट तक और हेमकुंड क्षेत्र में तीन से चार फीट तक बर्फ जम गई है। हालात ऐसे हैं कि कई गांवों में घरों के बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है।
भारी बर्फबारी से बदरीनाथ हाईवे बैनाकुली से लेकर बदरीनाथ धाम तक बाधित हो गया। इसके अलावा भारत-तिब्बत-चीन सीमा चौकियों को जोड़ने वाली जोशीमठ-नीती-मलारी सड़क पर भी यातायात ठप हो गया है। औली-जोशीमठ मार्ग भी कई स्थानों पर बंद पड़ा है। सीमांत क्षेत्रों तक आपूर्ति प्रभावित होने से लोगों की चिंता बढ़ गई है।
प्रभावित गांवों में माणा, बदरीनाथ, बामणी, औली, तपोवन, द्रोणागिरि, कलगोठ, नीती, फरकिया, गमशाली, बाम्पा, मलारी, लाता, सुभांई, रिंगी, कनोल, सुतोल, पाणा, ईराणी, झींझी, पगना, वाण, घेस, लोहजंग, मुंदोली, बलाण सहित दर्जनों गांव शामिल हैं। इन क्षेत्रों में सड़क, पानी और बिजली की आपूर्ति बाधित होने से ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।ईराणी गांव के दिनेश सिंह और चन्द्र मोहन सिंह, पाणा के हिम्मत सिंह तथा झींझी के राजे सिंह बताते हैं कि गांवों में चारों ओर बर्फ की मोटी परत जमी है। घरों के आगे रास्ते तक बंद हो गए हैं। लोग बेलचों से बर्फ हटाकर आवागमन का रास्ता बना रहे हैं। मवेशी गौशालाओं में ही बंद हैं और चारे की किल्लत बढ़ने लगी है।
वाण गांव की ग्राम प्रधान नंदुली देवी ने बताया कि अत्यधिक बर्फबारी से ग्रामीण घरों में कैद होकर रह गए हैं। दैनिक जरूरतों की पूर्ति भी कठिन हो रही है। हीरा सिंह गढ़वाली का कहना है कि इंसानों के साथ-साथ पशुओं की परेशानी भी बढ़ गई है। चारा और पानी की कमी से पशुपालन प्रभावित हो रहा है। वहीं हीरा सिंह बिष्ट ने बताया कि वाण, मुंदोली, हिमनी, बांक, घेस, हरमल, चोटिंग और आसपास के गांवों में खाद्य सामग्री की समस्या गहराने लगी है।
जिलाधिकारी गौरव कुमार ने बताया कि प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। बर्फबारी से बंद सड़कों को खोलने के लिए जेसीबी और अन्य मशीनें तैनात की गई हैं। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की टीमें भी हाईवे और संवेदनशील मार्गों को सुचारू करने में जुटी हैं, ताकि आवश्यक सेवाएं बहाल की जा सकें।फिलहाल मौसम की मार से पहाड़ों में जनजीवन पूरी तरह प्रभावित है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और सतर्क रहने की अपील की है, जबकि राहत और पुनर्स्थापना कार्य तेजी से जारी हैं।


