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वन भूमि हस्तांतरण नहीं होने से चमोली में 85 मामले अटके, सड़क और पेयजल योजनाएं प्रभावित

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चमोली –

चमोली जिले में विभिन्न विकास परियोजनाएं वन भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया में देरी के चलते अटक गई हैं। जिले में कुल 85 प्रकरण सैद्धांतिक स्वीकृति के लिए लंबित हैं, जिनमें अधिकांश मामले सड़क और पेयजल योजनाओं से जुड़े हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार प्रभावित हो रहा है।

बुधवार को आयोजित वन भूमि हस्तांतरण समीक्षा बैठक में अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश ने बताया कि सबसे अधिक 68 मामले लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) से संबंधित हैं, जो मुख्यतः सड़क निर्माण परियोजनाओं से जुड़े हैं। इसके अलावा आरडब्ल्यूडी, पीएमजीएसवाई और शिक्षा विभाग के एक-एक प्रकरण लंबित हैं। पेयजल निगम कर्णप्रयाग के 5, पेयजल निगम गोपेश्वर के 6 तथा जल संस्थान के 3 मामले भी स्वीकृति की प्रतीक्षा में हैं।

 

जिलाधिकारी गौरव कुमार ने अधिकारियों को लंबित प्रकरणों पर निरंतर फॉलोअप कर समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सीए भूमि से जुड़े मामलों को एसडीएम के साथ समन्वय कर शीघ्र सुलझाने तथा वन विभाग के अधिकारियों के साथ स्थलीय निरीक्षण कर आपत्तियों का समाधान करने के निर्देश भी दिए गए।

जिलाधिकारी ने प्रस्तावक विभागों को भी दस्तावेजी औपचारिकताएं समय पर पूरी करने को कहा, ताकि योजनाएं जल्द धरातल पर उतर सकें और ग्रामीणों को सड़क व पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं का लाभ मिल सके।

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