उत्तराखंड

वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत सीमावर्ती गांवों में युवाओं की भूमिका होगी मजबूत*

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पर्यावरण संरक्षण, राष्ट्र सेवा और सीमांत विकास का संगम बना माणा

चमोली –

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सीमांत गांव माणा में ‘एक पेड़ वीरों के नाम’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए वृक्षारोपण किया गया तथा लोगों को अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनके संरक्षण के लिए प्रेरित किया गया।

साथ ही जनपद चमोली में आईटीबीपी एवं माय भारत के अधिकारियों द्वारा ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ के अंतर्गत स्वयंसेवकों के लिए ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सीमावर्ती गांवों की भौगोलिक परिस्थितियों, स्थानीय संस्कृति, जीवनशैली तथा वहां निवास के दौरान आने वाली चुनौतियों और आवश्यक सावधानियों से संबंधित विभिन्न विषयों पर विस्तृत जानकारी साझा की गई। अधिकारियों ने स्थानीय निवासियों से संवाद कर क्षेत्र की आवश्यकताओं एवं संभावनाओं पर भी चर्चा की।

इस अवसर पर ‘माय भारत’ के स्वयंसेवकों को उच्च हिमालयी क्षेत्रों में कार्य के दौरान सुरक्षा एवं सुविधा के लिए आवश्यक किटों का वितरण भी किया गया। अधिकारियों ने बताया कि वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम एक अग्रणी युवा नेतृत्व वाली पहल है, जिसका उद्देश्य सीमांत क्षेत्रों में जमीनी स्तर पर जनभागीदारी को सुदृढ़ करना, युवाओं को राष्ट्र निर्माण से जोड़ना तथा राष्ट्रीय एकता और समावेशी विकास को बढ़ावा देना है।

कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने स्वयंसेवकों से सीमावर्ती गांवों में सक्रिय भूमिका निभाते हुए स्थानीय समुदायों के साथ समन्वय स्थापित करने तथा विकासोन्मुख गतिविधियों में सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया।

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