उत्तराखंड

केंद्रीय गृह सचिव ने वाइब्रेन्ट विलेज और धार्मिक पर्यटन विकास पर दिया विशेष जोर

श्री रूद्रनाथ ट्रैक रूट डेवलपमेंट के लिए डीपीआर तैयार करने के निर्देश, स्थानीय आजीविका मजबूत करने पर फोकस

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चमोली –

भगवान श्री रूद्रनाथ के दर्शन एवं पूजा-अर्चना के उपरांत केंद्रीय गृह सचिव श्री गोविंद मोहन ने जिलाधिकारी कार्यालय में आयोजित बैठक में जनपद के सर्वांगीण विकास, विशेष रूप से वाइब्रेन्ट विलेज योजना के अंतर्गत संचालित विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी ली। बैठक में उन्होंने सीमांत क्षेत्रों के सतत विकास, स्थानीय रोजगार सृजन तथा धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु कई महत्वपूर्ण सुझाव एवं निर्देश दिए।

केंद्रीय गृह सचिव ने कहा कि वाइब्रेन्ट विलेज योजना के अंतर्गत जनपद के सीमांत गांवों के लिए बड़ी एवं दीर्घकालिक विकास योजनाओं के प्रस्ताव तैयार किए जाएं, ताकि इन क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल सके। उन्होंने स्थानीय हस्तशिल्प एवं पारंपरिक उत्पादों को बढ़ावा देने पर बल देते हुए कहा कि सीमांत क्षेत्रों की सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित करते हुए उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जाना आवश्यक है।

धार्मिक पर्यटन की अपार संभावनाओं को देखते हुए केंद्रीय गृह सचिव ने श्री रूद्रनाथ मंदिर ट्रैक रूट के सुनियोजित विकास हेतु विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रूद्रनाथ जैसे आध्यात्मिक एवं प्राकृतिक महत्व के स्थलों को बेहतर सुविधाओं से जोड़कर देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित किया जा सकता है। इससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि योजनाओं का उद्देश्य स्थानीय लोगों की आजीविका को सुरक्षित एवं मजबूत करना होना चाहिए।

बैठक के दौरान उन्होंने जनपद चमोली में पाई जाने वाली दुर्लभ जड़ी-बूटियों एवं औषधीय पौधों की संभावनाओं पर भी चर्चा की। उन्होंने आयुष मंत्रालय के साथ समन्वय स्थापित कर हर्बल एवं आयुर्वेद आधारित विकास योजनाओं को आगे बढ़ाने की बात कही, जिससे स्थानीय किसानों एवं ग्रामीणों को आर्थिक लाभ मिल सके।

केंद्रीय गृह सचिव ने भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए जनपद में टेक्नोलॉजी हब विकसित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि सीमांत क्षेत्रों में आधुनिक तकनीक, डिजिटल सुविधाओं एवं नवाचार आधारित योजनाओं को बढ़ावा देकर युवाओं के लिए नए अवसर तैयार किए जा सकते हैं।

बैठक में गृह सचिव महोदय ने बद्रीनाथ मास्टर प्लान की प्रगति की भी जानकारी ली । इस अवसर पर जिलाधिकारी गौरव कुमार ने अवगत कराया कि मास्टर प्लान के अधिकांश कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं, जबकि फेज-2 एवं फेज-3 के कार्य वर्तमान में प्रगति पर हैं। उन्होंने जनपद के 14 वाइब्रेन्ट विलेज में संचालित विकास कार्यों, आधारभूत सुविधाओं, पर्यटन विकास एवं आजीविका संवर्धन से जुड़े प्रयासों की विस्तृत जानकारी भी प्रस्तुत की। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहें।

 

 

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