चमोली में प्रधानों ने किया जीपीडीपी बैठक का विरोध
जब तक10 सूत्रीय मांग ऊपर नहीं होती है कोई ठोस पहल
चमोली – जनपद चमोली में प्रधान संगठनों की 10 सूत्री मांगों को लेकर 2 अक्टूबर को आयोजित होने वाली जीपीडीपी बैठक का विरोध किया गया जिस कारण ग्राम पंचायत में आयोजित बैठक नहीं हो पाई है।
उल्लेखनीय है कि प्रधान संगठन पिछले पांच माह से अपने 10 सूत्रीय मांग पत्र को लेकर प्रदेश सरकार से मांगों को मनवाने के लिए आंदोलन पर हैं विगत पांच दिनों से पंचायती राज निदेशालय में प्रदेश अध्यक्ष योग्यता केंतुरा रावत के अध्यक्षता में प्रधान संगठन के पदाधिकारी धरने पर बैठे हैं वहीं जनपद चमोली में सभी प्रधान संगठनों ने यह निर्णय लिया था कि की प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार जीपीडीपी की आयोजित बैठक का आयोजन नहीं किया जाएगा जिसके चलते 2 अक्टूबर को होने वाली बैठक का जनपद चमोली के प्रधान संगठन के अध्यक्ष महावीर रावत के निर्देशन में सभी ब्लॉक अध्यक्षों व प्रधानों ने इसका विरोध किया और बैठक का आयोजन नहीं किया गया उन्होंने कहा कि एक और सरकार 300 की मजदूरी वाले व्यक्ति को दो-दो बार हाजिरी की व्यवस्था है वही एक लाख से अधिक वेतन लेने वाले कर्मचारियों का इससे छूट दी गई है दूसरी ओर ग्राम पंचायत में विकास कार्यों को लेकर कोई खास मापदंड नहीं है जिसके लिए सभी प्रधानों ने इसका पुरजोर विरोध किया है 8 अक्टूबर को देहरादून में सचिवालय घेराव की रणनीति पर जनपद के सभी प्रधान विचार विमर्शकर आंदोलन की रणनीति पर कार्य करें सभी प्रधानों से अपील की गई है कि 8 अक्टूबर को देहरादून में सचिवालय घेराव में पहुंचने का और अधिक से अधिक संख्या में इस आंदोलन को सफल बनाने का आगरा किया गया है।



