उत्तराखंड में ‘गुटका राज’ पर ताला: तंबाकू-निकोटीन वाले पान मसाले पर सरकार का बड़ा प्रहार, 1 साल का पूर्ण प्रतिबंध

देहरादून –
देवभूमि उत्तराखंड में जन स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए धामी सरकार ने एक बहुत बड़ा और सख्त फैसला लिया है। प्रदेश में तंबाकू और निकोटीन युक्त गुटका, पान मसाला या इसके समतुल्य अन्य किसी भी खाद्य पदार्थ के निर्माण, भंडारण, वितरण और बिक्री पर एक वर्ष के लिए पूर्ण प्रतिबंध (Complete Ban) लगा दिया गया है।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तराखंड के आयुक्त विनय शंकर पाण्डेय द्वारा आज यह आधिकारिक आदेश जारी किया गया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से पूरे राज्य में लागू हो गया है।
आदेश में क्या कहा गया है-
आधिकारिक पत्र (संख्या- एफ०डी०ए० / गुटका प्रतिषेध / 12/2012/11247) के अनुसार, खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 की धारा 30 की उपधारा (2) के तहत प्राप्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह प्रतिबंध लगाया गया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि:
• बाजार में किसी भी नाम से बिकने वाले ऐसे खाद्य पदार्थ, जिनमें तंबाकू या निकोटीन का मिश्रण है, वे पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे।
• जन स्वास्थ्य और सार्वजनिक भलाई के हित में गुटका तथा पान मसाला को पूरी तरह निषिद्ध (Banned) किया जाना आवश्यक पाया गया है।
• यह प्रतिबंध आदेश जारी होने की तारीख से अगले एक वर्ष तक पूरे उत्तराखंड राज्य में प्रभावी रहेगा।
सख्त कार्रवाई के निर्देश शासन ने इस आदेश को कड़ाई से लागू करने के लिए राज्य के सभी जिलाधिकारियों (DM), वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों (SSP) और खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं। आदेश का उल्लंघन करने वाले निर्माताओं, वितरकों और दुकानदारों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और भारी जुर्माना भी लगाया जाएगा। इस फैसले के बाद अब राज्य में गुटका और पान मसाले के अवैध भंडारण और बिक्री को रोकने के लिए जल्द ही बड़े स्तर पर छापेमारी अभियान शुरू होने की उम्मीद है।



