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लापरवाह अफसरों पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, दो अभियंताओं का वेतन रोका

थराली बीटीसी बैठक में जनआक्रोश

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 जंगली जानवरों का आतंक, पेयजल-सड़क संकट पर गरजे जनप्रतिनिधि

थराली –

ब्लॉक सभागार थराली में मंगलवार को आयोजित क्षेत्र पंचायत की त्रैमासिक बैठक औपचारिकता की सीमाएं तोड़ते हुए जनसमस्याओं, आक्रोश और प्रशासनिक जवाबदेही का बड़ा मंच बन गई। ब्लॉक प्रमुख प्रवीण पुरोहित की अध्यक्षता में हुई बैठक में जंगली जानवरों और बंदरों के बढ़ते आतंक, पेयजल संकट, जर्जर सड़कों, स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली और आपदा से उपजी परेशानियों को लेकर जनप्रतिनिधियों ने एक स्वर में आवाज बुलंद की। बैठक के दौरान अधिकारियों की लापरवाही उजागर होने पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए लोक निर्माण विभाग के दो अभियंताओं का वेतन रोकने जैसी बड़ी कार्रवाई की।

 

बैठक का शुभारंभ जिला विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी ने दीप प्रज्वलित कर किया। वही खंड विकास अधिकारी नितिन धानीया ने पिछली बैठक की कार्यवाही और अब तक कराए गए विकास कार्यों की जानकारी दी तथा नए वित्तीय वर्ष के लिए क्षेत्र पंचायत सदस्यों से प्रस्ताव आमंत्रित किए।

ब्लॉक प्रमुख प्रवीण पुरोहित ने कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जाएगा और क्षेत्र की प्रत्येक समस्या का समाधान प्राथमिकता के आधार पर कराया जाएगा। बैठक में सबसे तीखा आक्रोश जंगली जानवरों और बंदरों के बढ़ते आतंक को लेकर देखने को मिला। तलवाड़ी की प्रधान दीपा देवी फरस्वाण ने कर्णप्रयाग–ग्वालदम मोटर मार्ग से इंटर कॉलेज तलवाड़ी तक सड़क के डामरीकरण की मांग उठाते हुए कहा कि जंगली जानवर खेत-खलिहानों को नष्ट कर रहे हैं, जिससे ग्रामीणों की आजीविका पर सीधा संकट खड़ा हो गया है। क्षेत्र पंचायत सदस्य सूना सुमन देवराड़ी ने थराली–पेंगढ़ मोटर मार्ग के सुधारीकरण और प्राणमती में स्थायी पुल निर्माण की मांग रखी। वहीं बेनौली के मनमोहन चतुरा ने ‘हर घर जल, हर घर नल’ योजना की पोल खोलते हुए बताया कि थाला गांव में करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद आज भी ग्रामीण बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं। उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की।

इसी दौरान आपदा के बाद जिला पंचायत भवन में अस्थायी रूप से संचालित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को उसके मूल भवन में स्थानांतरित करने का मुद्दा उठा। इस पर जिला विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी ने तत्काल आदेश जारी करते हुए स्वास्थ्य केंद्र को तुरंत मुख्य भवन में शिफ्ट करने के निर्देश दिए, जिस पर सदन ने संतोष जताया।

लोक निर्माण विभाग का कोई भी अधिकारी बैठक में उपस्थित नहीं होने पर सदन में भारी नाराजगी फैल गई और हंगामे जैसी स्थिति बन गई।जिस पर मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी ने मौके पर ही सख्त कार्रवाई करते हुए लोक निर्माण विभाग थराली के अधिशासी अभियंता रमेश चंद्र तथा सहायक अभियंता सुरेंद्र पाल सिंह के वेतन को अग्रिम आदेशों तक रोकने और कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनप्रतिनिधियों की बैठकों से अनुपस्थित रहना और जनता के सवालों से बचना किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

बैठक में जेष्ठ प्रमुख नवनीत सिंह, कनिष्ठ प्रमुख राजेश चौहान, जिला पंचायत सदस्य कलावती देवी, हरीश सोनियाल, कुंवर सिंह, राकेश जोशी, भानुप्रकाश, प्रद्युमन रावत, राजेंद्र रावत, उपजिलाधिकारी पंकज भट्ट, जिला परियोजना अधिकारी शशिकांत यादव, सहायक अभियंता धीरेंद्र भंडारी, एसडीओ अतुल कुमार, कृषि अधिकारी अश्विनी गौतम सहित अनेक अधिकारी व जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

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