गोपीनाथ मंदिर परिसर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चमोली द्वारा भव्य निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर – लोगों ने उठाया लाभ

- चमोली –
गोपीनाथ मंदिर परिसर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चमोली के तत्वावधान में एक दिवसीय निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। समाज के अंतिम छोर तक स्वास्थ्य एवं जागरूकता सेवाएँ पहुँचाने के उद्देश्य से आयोजित इस शिविर में सैकड़ों लोगों ने पहुँचकर न केवल स्वास्थ्य परीक्षण करवाया, बल्कि विभिन्न रोगों एवं स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियाँ भी प्राप्त कीं। कार्यक्रम का उद्देश्य पूर्णतः जनसेवा की भावनाओं से ओतप्रोत रहा और चिकित्सा दल से लेकर प्राधिकरण के अधिकारी तक, सभी ने मिलकर शिविर को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई।
शिविर का उद्घाटन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चमोली के अध्यक्ष / जिला एवं सत्र न्यायाधीश विंध्याचल सिंह तथा सचिव पुनीत कुमार, सिविल जज सीनियर डिवीजन, सचिन कुमार मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चमोली की उपस्थिति में हुआ। उन्होंने मरीजों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को समझा और स्वास्थ्य परीक्षण की महत्ता पर प्रकाश डाला।
शिविर में स्वास्थ्य परीक्षण एवं परामर्श देने के लिए डॉ. अनिल त्यागी और फिज़िशियन डॉ. कुलदीपिका उपस्थित रहीं, जिन्होंने पूरे समर्पण भाव से मरीजों की जांच की और उन्हें आवश्यक सलाह दी।दोनों चिकित्सकों ने रक्तचाप, मधुमेह, त्वचा संबंधी परेशानियों, जोड़ों के दर्द, श्वसन संबंधी समस्याओं, सामान्य बुखार, कमजोरी तथा अन्य सामान्य बीमारियों से पीड़ित लोगों का परीक्षण किया। उन्होंने मरीजों को जीवनशैली से जुड़ी आदतों पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी। नियमित व्यायाम, संतुलित आहार, पर्याप्त पानी पीना, तनाव कम करना तथा धूम्रपान और शराब से दूर रहने की आवश्यकता पर बल दिया।
डॉ. कुलदीपिका ने महिलाओं को विशेष रूप से एनीमिया, कैल्शियम की कमी और हार्मोनल असंतुलन से बचने के तरीकों के बारे में अवगत कराया। वहीं डॉ. अनिल त्यागी ने वृद्ध नागरिकों को नियमित जांच की आवश्यकता बताते हुए कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अपनी दैहिक क्षमता के अनुरूप श्रम और खान-पान में संतुलन बनाए रखना जरूरी है।शिविर के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष विंध्याचल सिंह ने कहा कि संस्था का उद्देश्य केवल कानूनी सहायता प्रदान करना ही नहीं, बल्कि समाज के कमजोर एवं वंचित वर्गों को स्वास्थ्य, जागरूकता और कल्याणकारी योजनाओं से भी जोड़ना है। उन्होंने बताया कि कई बार ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोग संसाधनों की कमी या जानकारी के अभाव में समय पर इलाज नहीं करा पाते, जिससे गंभीर समस्याएँ उत्पन्न हो जाती हैं। ऐसे में इस प्रकार के स्वास्थ्य शिविर अत्यंत उपयोगी साबित होते हैं।उन्होंने आगे कहा कि प्राधिकरण द्वारा समय-समय पर स्वास्थ्य, कानूनी जागरूकता, महिला संरक्षण, निशक्तजन सहायता, वरिष्ठ नागरिक कल्याण आदि विषयों पर कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, ताकि लोगों को योजनाओं और सेवाओं की जानकारी मिल सके।
सचिव पुनीत कुमार ने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण “न्याय सभी के लिए” की अवधारणा को लेकर निरंतर कार्य कर रहा है। उनके अनुसार, स्वास्थ्य भी एक मौलिक अधिकार है और इसे सभी तक पहुँचाने के लिए संस्था द्वारा किए जा रहे प्रयास आने वाले समय में और भी विस्तृत किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य शिविरों से न केवल मरीजों को लाभ मिलता है, बल्कि समाज में स्वास्थ्य जागरूकता भी बढ़ती है। उन्होंने चिकित्सा टीम के प्रयासों की सराहना की और कहा कि ऐसे शिविर पहाड़ी व दूरस्थ क्षेत्रों के लिए वरदान साबित होते हैं। शिविर में आने वाले लोगों ने भी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण तथा चिकित्सा दल के इस प्रयास की भरपूर प्रशंसा की। कई लोगों ने कहा कि गाँव-क्षेत्र में ऐसे विशेषज्ञ डॉक्टरों के मिलने से उन्हें बड़ी सुविधा प्राप्त हुई है। कई मरीजों ने स्वीकार किया कि वे नियमित जांच नहीं करा पाते और दूर अस्पताल तक पहुँच पाना कठिन होता है। शिविर ने उन्हें घर के पास ही उपचार एवं परामर्श उपलब्ध कराया। सभी ने मिलकर कार्यक्रम को सुव्यवस्थित बनाया।कार्यक्रम के समापन पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने आने वाले दिनों में और भी व्यापक स्वास्थ्य व जागरूकता शिविर आयोजित करने की घोषणा की। संस्था ने बताया कि भविष्य में कानूनी सहायता शिविर, नशा उन्मूलन जागरूकता कार्यक्रम, महिला सुरक्षा जागरूकता अभियान तथा स्कूली बच्चों के लिए विधिक जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे।
गोपीनाथ मंदिर परिसर में आयोजित यह स्वास्थ्य शिविर न केवल चिकित्सा सुविधा का मंच बना, बल्कि लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और स्वास्थ्य सुरक्षा को प्राथमिकता देने की प्रेरणा भी देता रहा। कार्यक्रम सामाजिक उत्तरदायित्व और जनहित के प्रति जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण रहा।


