वैज्ञानिक विधि से खेती करने की सलाह दी

गौचर।
मेले में आयोजित कृषि गोष्ठी में कास्तकारों को वैज्ञानिकों ने वैज्ञानिक विधि अपनाने के विभिन्न तरीकों की जानकारी दी। उन्होने किसानो को वैज्ञानिक विधि से खेती करने की सलाह दी उन्होंने सरकार द्वारा कई योजनाओ की जानकारी भी दी ।
मेला मंच में आयोजित कृषि गोष्ठी का शुभारंभ बतौर मुख्य अतिथि क्षेत्र पंचायत सदस्य शैलेन्द्र नेगी ने किया। इस अवसर पर कृषि वैज्ञानिक डा हीना कौसल ने कहा कि आमतौर पर कास्तकार बीजों की बुवाई छिड़काव विधि से करते हैं जो उपज के हिसाब से सरासर गलत है। इससे जहां पैदावार घटती है वहीं बीज भी अनायास रूप से बर्बाद होता है उनका कहना था कि इससे फसलों की गुड़ाई करने में भी असुविधा होती होती है। उन्होने कहा कि गोबर की की खाद बीज बोने से पहले खेत की तैयारी के समय डालनी चाहिए ताकि पौधों को भरपूर पोषण मिल सके। अमूमन देखने में आता है कि गेहूं की फसल पर कड़वा रोग लगने से गेहूं के दाने काले पड़ जाते हैं इसकी रोकथाम के लिए एंटी फंगल जिसे ट्राईकोडर्मा दवा से बीजों को सोधित कर बुवाई करनी चाहिए। सरसों की फसल में माहू एक प्रकार की कीड़ा लगने की समस्या अमूमन देखने को मिलती है। इससे पूरी की पूरी सरसों की फसल बर्बाद हो जाती है। इसकी रोकथाम के लिए नीम आयल का छिड़काव किया जाना चाहिए। डा दीप्ति कोठारी ने कहा कि कृषि विज्ञान केंन्द्र कृषकों को तकनीकी ज्ञान मुहैया कराता है। खाद्य प्रसंस्करण से अच्छा आमदनी हासिल की जा सकती है। वैज्ञानिक विधि अपनाने से अच्छी आमदनी हासिल की जा सकती है। इससे पूर्व भूमि संरक्षण अधिकारी अश्विनी गौतम ने विभागीय जानकारी देते हुए कहा कि विभाग कृषकों को 80 प्रतिशत अनुदान पर कृषि यंत्र मुहैया करा रहा है। इस योजना को पाने के लिए समूह के माध्यम से पांच लाख का सामान लिया जा सकता है। प्रधानमंत्री सिंचाई योजना के तहत लाभार्थियों को पानी के टैंक के अलावा चैक डैम बनाने के लिए धन मुहैया कराया जाता है। मुर्गीबाड़ा ,पाली हाउस व मछली पालन के लिए भी अनुदान मुहैया करा जाता है। पूर्व नगर पंचायत उपाध्यक्ष जयकृत बिष्ट ने कहा कि कास्तकारों को अधिक से अधिक मोटा अनाज उगाना चाहिए। इस अवसर पर ईश्वरी मैखुरी, महेंद्र सिंह राणा, धन सिंह पुंडीर, बीरेंद्र नेगी के अलावा अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश, मेलाधिकारी सौहन सिंह रागड़, कृषि विभाग के एस एच आई इंदर सिंह,शिव प्रसाद गौड़ आदि कई लोग मौजूद थे। इससे पूर्व समाज कल्याण विभाग द्वारा आयोजित गोष्ठी में नशा मुक्ति पर बल दिया गया। इस अवसर पर समाज कल्याण अधिकारी धनंजय सेमवाल,भरत सिंह राणा,शुक्रूलाल, विनीता देवी, प्रकाश ,रोबिन सिंह,हयात सिंह आदि मौजूद थे।


