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जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का बहुउद्देशीय शिविर—कानूनी सशक्तिकरण, जनसेवा और जागरूकता का व्यापक मंच

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चमोली-

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चमोली की पहल पर ग्वालदम के रामलीला मैदान में एक भव्य बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों, विद्यार्थियों, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों ने भाग लेकर विभिन्न विभागों से लाभ उठाया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष एवं जिला जज विंध्याचल सिंह द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। उद्घाटन के पश्चात उन्होंने शिविर में लगाए गए सभी स्टॉलों का निरीक्षण किया और उपस्थित अधिकारियों से योजनाओं की प्रगति और उपलब्धता के बारे में जानकारी ली।

इस व्यापक शिविर में विभिन्न सरकारी विभागों—कृषि विज्ञान केंद्र, समाज कल्याण विभाग, उद्यान विभाग, पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग तथा अन्य कई इकाइयों ने अपनी सेवाओं, योजनाओं और योजनाओं के लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया से संबंधित विस्तृत जानकारी साझा की। ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता की कमी को देखते हुए यह प्रयास लोगों को जन कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने में विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना गया।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव पुनीत कुमार ने शिविर में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए विधिक सेवा प्राधिकरण की संरचना और कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिला स्तर पर यह संस्था जिला जज की अध्यक्षता में संचालित होती है, जबकि राज्य स्तर पर इसकी कमान उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के पास होती है। सर्वोच्च न्यायालय में यह व्यवस्था सीधे देश के मुख्य न्यायाधीश के अधीन रहती है। उन्होंने कहा कि इस तंत्र का मुख्य उद्देश्य समाज के कमजोर वर्गों—गरीब, दिव्यांग, महिला, बुजुर्ग, बच्चों और अनुसूचित जाति/जनजाति जैसे समूहों—को नि:शुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण कानूनी सहायता उपलब्ध कराना है, ताकि कोई भी नागरिक आर्थिक अभाव के कारण न्याय से वंचित न रह जाए। शिविर में लगे विभागीय स्टॉलों पर खेती-किसानी से संबंधित तकनीकी जानकारी, फसलों की उन्नत पद्धतियाँ, उद्यानिकी योजनाएं, बीज वितरण, पशुपालन योजनाओं के लाभ, समाज कल्याण विभाग की छात्रवृत्ति, पेंशन, दिव्यांग कल्याण कार्यक्रम, महिला सुरक्षा से जुड़ी जानकारी, पुलिस विभाग द्वारा साइबर सुरक्षा और महिला हेल्पलाइन से संबंधित मार्गदर्शन जैसी कई महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।

जिला कार्यक्रम विभाग द्वारा महालक्ष्मी किट एवं समाज कल्याण विभाग की ओर से शिविर के दौरान पात्र लाभार्थियों को व्हीलचेयर, छड़ी और आर्थिक सहायता के चेक वितरित किए गए। विशेष तौर पर दिव्यांगों और बुजुर्गों को यह सहायता प्रदान कर उनके जीवन में सहूलियत बढ़ाने का प्रयास किया गया।जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष विंध्याचल सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि हर नागरिक का यह दायित्व है कि वह अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूक रहे। कानून की जानकारी होने से न केवल व्यक्ति स्वयं को सुरक्षित रख सकता है, बल्कि अपने आसपास के लोगों को भी सही दिशा दिखा सकता है। उन्होंने कहा कि कानूनी सहायता कोई उपकार नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का अधिकार है, और प्राधिकरण का दायित्व है कि वह जरूरतमंदों को समय पर, नि:शुल्क और प्रभावी विधिक सहायता उपलब्ध कराए।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में कई लोग प्रशासनिक प्रक्रियाओं की जटिलता या जानकारी के अभाव के कारण योजनाओं का लाभ नहीं ले पाते। ऐसे बहुउद्देशीय शिविर ग्रामीण जनता को शासन और न्याय व्यवस्था से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण साधन सिद्ध होते हैं।

शिविर के दौरान नशा मुक्ति को लेकर एक विशेष नाट्य प्रस्तुति भी आयोजित की गई। किशन सिंह दानू और उनकी टीम द्वारा प्रस्तुत नाटक ने शराब, मादक पदार्थों और अन्य नशे के दुष्परिणामों को जीवंत तरीके से दर्शक वर्ग के सामने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने इसे काफी सराहा और युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश व्यापक रूप से प्रसारित हुआ। कार्यक्रम का संचालन जिला प्रतिरक्षण अधिवक्ता समीर बहुगुणा और मोहन पंत ने संयुक्त रूप से किया। दोनों ने मंच संचालन के माध्यम से विभिन्न विभागों और अधिकारियों को प्रभावी ढंग से जोड़ते हुए पूरा कार्यक्रम सुनियोजित ढंग से आगे बढ़ाया।

शिविर के समापन पर प्रतिभागियों ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के शिविर न केवल कानून की जानकारी देने का माध्यम हैं, बल्कि यह समाज को प्रशासन, न्याय और विकास की योजनाओं से वास्तविक रूप से जोड़ते हैं। लोगों ने मांग की कि ऐसे जनहितकारी कार्यक्रम भविष्य में भी नियमित रूप से आयोजित किए जाएँ, ताकि जागरूकता और विकास दोनों को गति मिल सके।

इस बहुउद्देशीय शिविर ने ग्वालदम क्षेत्र में न केवल कानूनी जागरूकता को बढ़ावा दिया, बल्कि सरकारी योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुँचाने की दिशा में एक सार्थक पहल के रूप में अपनी उपयोगिता सिद्ध की। इस बहुउद्देशीय शिविर मैं स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगभग 190 आयुर्वेद विभाग द्वारा 80 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर दवा वितरित की गई साथ ही अन्य विभागों श्रम विभाग द्वारा 15 डाक विभाग द्वारा 13 आधार कार्ड, समाज कल्याण द्वारा 45 तथा अन्य विभागों द्वारा लगभग 700 लोगों की समस्याओं का शिविर स्थल पर ही निस्तारण किया गया !!

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