उत्तराखंड

भराड़ीसैंण जा रहे उक्रांद नेता पुष्पेश त्रिपाठी गिरफ्तार, युवा ब्रिगेड अध्यक्ष आशीष नेगी नजरबंद*

ख़बर को सुनें

गैरसैंण –

गैरसैंण को उत्तराखंड की स्थायी राजधानी बनाए जाने की मांग को लेकर उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) की बजट सत्र के दौरान सक्रियता तेज हो गई है। राजधानी के मुद्दे पर आर-पार की लड़ाई के मूड में दिख रहे उक्रांद कार्यकर्ता शुक्रवार को विधानसभा कूच कर भराड़ीसैंण जाने की तैयारी में थे।

इस दौरान सूचना मिलने पर भारी पुलिस बल ने मेहलचौरी से लगभग चार किलोमीटर पहले पांडुवाखाल बैरियर पर उक्रांद नेताओं और कार्यकर्ताओं को रोक लिया। पुलिस ने द्वाराहाट के पूर्व विधायक और उक्रांद नेता पुष्पेश त्रिपाठी सहित कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर मेहलचौरी स्थित प्राथमिक विद्यालय में बनाई गई अस्थायी जेल में भेज दिया।

वहीं मेहलचौरी बाजार पहुंचे उक्रांद युवा ब्रिगेड के केंद्रीय अध्यक्ष आशीष नेगी को भी पुलिस ने एहतियातन कुछ देर मेहलचौरी चौकी में बैठाए रखने के बाद सैंजी के पास व्यास संगम क्षेत्र के एक होटल में नजरबंद कर दिया। इस कार्रवाई पर उक्रांद नेताओं ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि राजधानी के मुद्दे से घबराई सरकार लोकतांत्रिक आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है। उक्रांद नेताओं का कहना है कि कार्यकर्ता यदि सामान्य रूप से बाजार भी जा रहे हैं, तो उन्हें भी रोककर गिरफ्तार किया जा रहा है।

युवा ब्रिगेड अध्यक्ष आशीष नेगी ने कहा कि द्वाराहाट के पूर्व विधायक पुष्पेश त्रिपाठी गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित करने की मांग को लेकर शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से मुख्यमंत्री, मंत्रियों और विधायकों से मिलने भराड़ीसैंण जा रहे थे, लेकिन उन्हें रास्ते में ही गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने कहा कि सरकार संवाद करने के बजाय दमन का रास्ता अपना रही है, जिसका उक्रांद पुरजोर विरोध करेगा।

पुष्पेश त्रिपाठी ने कहा कि जिस गैरसैंण राजधानी के सपने के लिए उत्तराखंड आंदोलनकारियों ने लंबा संघर्ष किया, आज उसी मुद्दे को उठाने पर कार्यकर्ताओं को रास्तों में रोकना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।इस दौरान पुष्पेश त्रिपाठी के साथ श्याम सिंह मेहरा, भूपेंद्र सिंह, दयासागर, भगवत सिंह रावत, नरेंद्र सिंह, गोविंद सिंह, हरिंदर सिंह और गणेश जोशी मौजूद रहे। वहीं आशीष नेगी के साथ देवेंद्र बिष्ट बल्ली, अमित रावत, जसवंत बिष्ट, मनोज पंवार, सुरेंद्र बिष्ट और दीपक मढवाल सहित कई कार्यकर्ता शामिल थे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button