चमोली के अनुसूचित जनजाति के विकास को जैविक खेती मै सहयोग करेगा

चमोली –
वीर चंद्रसिंह गढ़वाली उत्तराखंड यूनिवर्सिटी ऑफ हार्टिकल्चर एंड फोरेस्ट्री भारसर पौड़ी गढ़वाल द्वारा संचालित एवम भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, पूसा नई दिल्ली द्वारा वित्तपोषण परियोजना अनुसूचित जनजाति के विकास के लिए कार्य योजना के तहत उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में अनुसूचित जनजाति के लिए विकास में जैविक खेती हेतु क्षमता मै वृद्धि एवं वर्मिकंपोस्ट उत्पादन के लिए जनपद चमोली के चार विकास खण्डों के 540 अनुसूचित जनजाति के परिवारों का सर्वेक्षण कार्य विश्वविद्यालय के कृषि वैज्ञानिकों द्वारा सम्पन्न किया गया , जिसमें डॉ आनंद सिंह बिष्ट, श्री इंद्र सिंह रावत एवं डॉ पंकज बहुगुणा द्वारा सम्पन्न किया गया,
परियोजना के प्रमुख अन्वेषक डॉ योगेश कुमार नेगी एवं परियोजना के नोडल अधिकारी डॉ के सी पंत एवं विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ परविंदर कौशल के दिशानिर्देश मै कार्य सम्पन्न कराया जाएगा यह परियोजना चमोली जनपद के साथ साथ उत्तराखंड के अन्य जिलों नैनीताल , पिथौरागढ़, देहरादून एवं उधमसिंह नगर मेजएग[ परियोजना के तहत प्रथम चरण में किसानों का सर्वेक्षण कार्य किया गया जिसमें किसानों की समस्याओं एवं खेती मै हो रहे नुकसान का सर्वेक्षण किया गया तथा वर्मिकंपोस्ट उत्पादन से संबंधित जानकारी दीi: द्वितीय चरण में किसानों को वर्मिकंपोस्ट पीट एवं अन्य कृषि उपकरणों का वितरण किया जाएगा साथ ही साथ प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।



