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डंडी-कंडी बनी जीवनरेखा: घायल मीना को तीन किमी पैदल पहुंचाया गया सड़क तक

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रमेश थपलियाल / थराली

देवाल विकासखंड की ग्राम पंचायत बलाण में आज भी सड़क के अभाव में ग्रामीणों को गंभीर मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। शनिवार को बलाण गांव की मीना देवी (35), पत्नी आलम राम, घास-लकड़ी लेने जंगल गई थीं। लौटते समय वह फिसलकर गिर गईं, जिससे उनके दोनों पैरों में गंभीर चोट आ गई। गांव में मोटर सड़क न होने के कारण परिजन और ग्रामीणों ने रविवार सुबह मीना देवी को डंडी-कंडी में बैठाकर तीन किलोमीटर पैदल दुर्गम और विहड़ रास्ते से खैरगैर तक मोटर सड़क तक पहुंचाया।

पूर्व उपप्रधान वीरेंद्र राम ने बताया कि इसके बाद निजी वाहन से घायल महिला को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देवाल लाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए हायर सेंटर बागेश्वर रेफर किया गया। इस दौरान रणजीत राम, जयबीर राम, केदार राम, मुकेश कुमार, राजेंद्र राम, लक्ष्मण राम, सेरजपाल और वीरेंद्र राम सहित कई ग्रामीणों ने कंधों पर डंडी-कंडी उठाकर मदद की।

ग्रामीणों का कहना है कि बलाण गांव के लिए सड़क न होना सबसे बड़ी समस्या है। बीमार, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाओं को अक्सर इसी तरह डंडी-कंडी से अस्पताल ले जाना पड़ता है, जो उनकी नियति बन चुकी है। क्षेत्र पंचायत सदस्य प्रदीप दानू ने बताया कि वर्ष 2023 में खैरगैर से बलाण तक 2.2 किलोमीटर लिंक रोड के लिए करीब 3 करोड़ 80 लाख रुपये स्वीकृत हुए थे, लेकिन वन विभाग से सैद्धांतिक स्वीकृति न मिलने के कारण निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया।इस संबंध में थराली विधायक भूपाल राम टम्टा ने कहा कि बलाण गांव के लिए स्वीकृत 2.2 किलोमीटर मोटर सड़क को हाल ही में वन विभाग से सैद्धांतिक स्वीकृति मिल गई है और अब जल्द ही सड़क निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। ग्रामीणों को उम्मीद है कि सड़क बनने से उनकी वर्षों पुरानी पीड़ा का अंत होगा।

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