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मा नंदा धाम को मिलेगी नही पहचान

मुख्यमंत्री की घोषणा मै शामिल है मा राजराजेश्वरी के मंदिर सौंदर्यीकरण का कार्य

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चमोली –

मा नंदा धाम कुरुड़ के लिए 24वां बंड विकास औद्योगिक, पर्यटन, किसान एवं सांस्कृतिक मेला इस वर्ष केवल एक पारंपरिक आयोजन नहीं, बल्कि विकास, आस्था और सांस्कृतिक स्वाभिमान के नए अध्याय की शुरुआत बनकर सामने आया। इस उपलब्धि से क्षेत्रवासियों में नई आशा व उत्साह का संचार किया है ।

मेले के मंच से मुख्यमंत्री ने थराली विधानसभा की धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत को सम्मान देते हुए दो महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं, जिन्हें मुख्यमंत्री घोषणा में सम्मिलित किया गया। ये घोषणाएं आने वाले समय में थराली की पहचान को नई ऊंचाइयों तक ले जाने वाली साबित होंगी।पहली घोषणा के अंतर्गत कुरुड़ स्थित माँ नन्दा राजराजेश्वरी मंदिर के सौंदर्यीकरण का निर्णय लिया गया। यह मंदिर न केवल क्षेत्रवासियों की अटूट आस्था का केंद्र है, बल्कि सम्पूर्ण गढ़वाल की सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक भी है। सौंदर्यीकरण के बाद मंदिर परिसर अधिक भव्य स्वरूप ग्रहण करेगा, श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी और धार्मिक पर्यटन को नई दिशा मिलेगी।

गौरतलब है कि कुरुड़ स्थित माँ नन्दा राजराजेश्वरी मंदिर को माँ नन्दा का मायका माना जाता है। यहीं से प्रतिवर्ष माँ नन्दा की लोकजाट का आयोजन होता है, जिसमें दूर-दराज से हजारों श्रद्धालु भाग लेते हैं। साथ ही, 12 वर्षों में आयोजित होने वाली विश्व प्रसिद्ध नन्दा देवी राजजात यात्रा में माँ नन्दा की डोली (निंदा) यहीं से कैलाश की ओर प्रस्थान करती है। इस दृष्टि से यह मंदिर धार्मिक ही नहीं, बल्कि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर के रूप में भी विशेष महत्व रखता है।

दूसरी ऐतिहासिक घोषणा के तहत ग्वालदम–देवाल–वाण–तपोवन मोटर मार्ग का नामकरण अब माँ नन्दा–सुनंदा मोटर मार्ग के रूप में किया जाएगा। यह निर्णय क्षेत्र की लोक आस्था, संस्कृति और परंपराओं को स्थायी पहचान देने वाला कदम माना जा रहा है। यह मार्ग न केवल आवागमन का साधन है, बल्कि श्रद्धा, पर्यटन और विकास को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण कड़ी भी बनेगा।

इन दोनों घोषणाओं से थराली विधानसभा क्षेत्र में हर्ष और गौरव का वातावरण है। क्षेत्रीय विधायक भूपाल राम टम्टा, मंडल अध्यक्ष कमलेश सती, गिरीश चमोला, नन्दू बहुगुणा, ब्लॉक प्रमुख गणेश चंदोला, सामाजिक कार्यकर्ता मंगल सिंह रावत सहित बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। लोगों का कहना है कि ये घोषणाएं केवल विकास योजनाएं नहीं, बल्कि थराली की आत्मा, आस्था और सांस्कृतिक विरासत को सम्मान देने वाले ऐतिहासिक निर्णय हैं।

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