भोजनमाता कामगार यूनियन ने आंदोलन की बनाई रणनीति, 12 फरवरी को आक्रोश रैली*

नारायण बगड़
नारायण बगड़ ब्लॉक सभागार में भोजनमाता कामगार यूनियन की बैठक जिलाध्यक्ष उर्मिला देवी की अध्यक्षता में आयोजित की गई जिसमें भोजनमाताओं की वर्षों से लंबित मांगों और सरकार द्वारा लगातार की जा रही उपेक्षा पर गहरा रोष व्यक्त किया गया।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि भोजनमाताएं लंबे समय से अपने हक और अधिकारों की जायज मांग करती आ रही हैं, लेकिन अब तक सरकारों ने उनकी सुध नहीं ली। इससे आहत होकर देश व प्रदेश के विभिन्न मजदूर संगठनों ने 12 फरवरी को राजधानी, जिला, तहसील व ब्लॉक मुख्यालयों पर आक्रोश रैली और प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है।
जिलाध्यक्ष उर्मिला देवी ने कहा कि भोजनमाताओं की प्रमुख मांगों में उन्हें राज्य कर्मचारी घोषित किया जाना, पूरे 12 माह के लिए 26 हजार रुपये मानदेय दिया जाना, स्कूलों से हटाई गई भोजनमाताओं को पुनः नियुक्ति प्रदान करना तथा 60 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुकी भोजनमाताओं को भरण-पोषण हेतु कम से कम पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देना शामिल है।भोजनमाताओं ने आरोप लगाया कि बीते 25 वर्षों से उन्हें बेहद कम मानदेय देकर उनका शोषण किया जा रहा है, जिसे अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बैठक में ब्लॉक नारायणबगड़ अध्यक्ष यशोदा देवी सहित विमला देवी, शांति देवी, रेखा देवी, लीला देवी, गुड्डी देवी, इंदु देवी, काय्तिकी देवी, माहेश्वरी देवी, चंद्रकला देवी, गौरी देवी, किशोरी देवी, धनपा देवी, अनीता देवी सहित बड़ी संख्या में भोजनमाताएं उपस्थित रहीं।


