सैन्य सम्मान के साथ शहीद रविन्द्र राणा का अंतिम संस्कार अल्कनंदा मन्दाकिनी के संगम घाट पर किया

दिलवर सिंह बिष्ट/रुद्रप्रयाग,
अरुणाँचल प्रदेश की दुर्गम सीमाओं पर मां भारती की सेवा करते हुए रुद्रप्रयाग जनपद के आगर गाँव निवासी भारतीय सेना के 15 गढ़वाल राइफल्स में तैनात हवलदार रविन्द्र सिंह के वीरगति को प्राप्त हो गया। शहीद का पार्थिव शरीर आज उनके पैतृक गाँव आगर 8 बजे पहुंचा तो परिजनों और ग्रामीणों के रोने बिलखने और चीख-पुकार से पूरा माहौल गमगीन हो गया। 9 बजे सेना और स्थानीय लोगों ने उनके पार्थिव शरीर को रुद्रप्रयाग अलकनंदा मंदाकिनी नदी संगम घाट के लिए प्रस्थान किया 12 बजे शहीद का पार्थिव शरीर घाट पर पंहुचने के उपरांत 1 बजे पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया । शहीद को पुष्पांजलि अर्पित करने के लिए बड़ी संख्या में राजनेता, सामाजिक कार्यकर्ता, प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस अधिकारी मौजूद रहे ।
शहीद रविन्द्र सिंह राणा अपने पीछे माता पिता, पत्नी और दो अबोध बच्चों को छोड गये हैं। उनकी यह कुर्बानी राष्ट्र की रक्षा में अदम्य साहस, कर्तव्यनिष्ठा और सर्वोच्च बलिदान का परिचय देते हुए उन्होंने अपने प्राण न्यौछावर किए हैं। उनका यह बलिदान न केवल उनके परिवार बल्कि सम्पूर्ण राष्ट्र के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है।शहीद की अंतिम यात्रा में केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल, जिला पंचायत सदस्य जयवर्धन काण्डपाल, जिला पंचायत सदस्य गंभीर सिंह बिष्ट , लक्ष्मण रावत, सुदर्शन सिंह राणा सहित बडी संख्या में क्षेत्र की जनता उपस्थित रही।


