गणतंत्र दिवस पर गैरसैंण में गरजा युवा उक्रांद, कहा स्थाई राजधानी बनाकर लेगें दम

दिलवर सिंह बिष्ट
रुद्रप्रयाग /गैरसैण –
एक ओर पूरा देश 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा था वहीं उत्तराखण्ड क्रान्ति दल उत्तराखण्ड की स्थाई राजधानी गैरसैंण घोषित करने के लिये सड़कों पर आंदोलन रत था।
युवा उक्रांद द्वारा 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के अवसर पर गैरसैंण को प्रदेश की स्थाई राजधानी घोषित किये जाने को लेकर मुख्य बाजार में रैली निकाल कर प्रर्दशन किया गया। बाद में सैकड़ों की संख्या में उक्रांद कार्यकर्ता भराड़ीसैण चन्द्रनगर विधानसभा भवन पहुंचें । भराड़ी सैण में आयोजित जनसभा में उक्रांद नेताओं ने प्रदेश व केन्द्र सरकार को उत्तराखण्ड कि बदहाली के लिये जमकर कोसा। उक्रांद के पूर्व केंद्रीय अध्यक्ष व पूर्व विधायक पुष्पेश त्रिपाठी ने पहाड़ से चुने विधायकों को पहाड़ विरोधी बताते हुए कहा कि चुनाव जीतने के बाद वे देहरादून में जमीन खरीद फरोख्त के कारोबार में व्यस्त हो जाते हैं ओर गैरसैंण को भूल जाते हैं।
युवा उक्रांद के केन्द्रीय अध्यक्ष आशीष नेगी ने कहा कि संघर्षों के बल पर हमने ये राज्य बनाया है ओर अब गैरसैंण को राजधानी बनाकर ही दम लेगें इसके लिये उक्रांद किसी भी कुर्बानी के लिये तैयार है।पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष अल्मोड़ा कांता रावत ने मातृ शक्ति का आवाह्न करते हुये कहा कि राज्य आंदोलन की तरह अब मातृ शक्ति को उत्तराखण्ड बचाने के लिये एक जुट होकर आगे आना होगा। वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी पान सिंह रावत ने युवाओं का आवाह्न किया कि पुनः एक निर्णायक आंदोलन करने का वक्त आ गया। जिसके लिये युवाओं को तैयार रहना होगा।
उक्रांद के केन्द्रीय महामंत्री देवेन्द्र चमोली ने कहा कि 25 वर्षों से राष्ट्रीय दल उत्तराखण्ड की जनता को गुमराह करते आ रहे हैं। राज्य के बुनियादी मुद्दे जब के तस है । दोगले चरित्र वाली राष्ट्रीय पार्टियों की उत्तराखण्ड से विदाई से है उत्तराखण्ड के हालात सुधरेंगे। कार्यक्रम में वरिष्ठ समाजसेवी उत्तराखण्ड क्रांति दल रुद्रप्रयाग के युवा नेता अर्जुन कंडारी, सहित सैकड़ो की संख्या में युवाओं व मातृ शक्ति ने शिरकत की।


