उत्तराखंड

अब चमोली पुलिस जागी , स्कूल बसों मै सुरक्षा मनको की हो रही पड़ताल

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*नौनिहालों की सुरक्षा से नहीं होगा समझौता: चमोली पुलिस ने चेकिंग अभियान के माध्यम से स्कूल संचालकों को दिया कड़ा संदेश*

चमोली – जनपद मुख्यालय मै स्कूल बस से स्कूटी सवार की मौत के बाद से चमोली पुलिस स्कूल बस संचालकों की बसों सुरक्षा मनको पर खिलवाड़ करने वालो पर नजर रखे हुये है नौनिहालों की सुरक्षा को लेकर चमोली पुलिस ने अब साफ कर दिया है कि लापरवाही, तेज़ रफ्तार और सुरक्षा मानकों से खिलवाड़ करने वालों के लिए कोई रियायत नहीं होगी।

 

गौरतलब है कि वर्तमान में *सड़क सुरक्षा माह* प्रचलित है, जिसके अंतर्गत चमोली पुलिस द्वारा जनपद भर में लगातार यातायात नियमों के पालन एवं सड़क सुरक्षा को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। चमोली पुलिस केवल चालान काटने में नहीं, बल्कि *जन-जागरूकता* में विश्वास रखती है। यही कारण है कि *एसपी चमोली सुरजीत सिंह पँवार ने पदभार ग्रहण करने के बाद पिछले 3 महीनों में स्वयं एसजीआरआर जयकंडी, जीजीआईसी गोपेश्वर, जीआईसी गोपेश्वर, पीजी कॉलेज और क्राइस्ट एकेडमी* जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में जाकर छात्र-छात्राओं को यातायात नियमों और साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया।

इसी क्रम में क्षेत्राधिकारियों, थाना प्रभारियों एवं यातायात पुलिस द्वारा *जनपद के 220 से अधिक विद्यालयों में पहुँचकर सड़क सुरक्षा एवं साइबर सुरक्षा से संबंधित जागरूकता कार्यक्रम* आयोजित किए गए। स्कूली बच्चों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए स्कूल संचालकों और ड्राइवरों को सुरक्षा मानकों का पाठ पढ़ाया था।

लगातार जागरूकता अभियानों के बावजूद *विगत दिनों गोपेश्वर नगर में एक स्कूली बस से हुई दुर्घटना* ने लापरवाही को उजागर किया। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए चालक पर मुकदमा दर्ज कर वाहन सीज किया। *इस घटना का कड़ा संज्ञान लेते हुए एसपी चमोली ने पूरे जनपद में यातायात पुलिस और सभी थाना प्रभारियों को स्कूल वाहनों के खिलाफ एक व्यापक चेकिंग अभियान* चलाने के निर्देश दिए।आज चलाए गए विशेष चेकिंग अभियान के दौरान जनपद भर में कुल 60 से अधिक स्कूली वाहनों की सघन जाँच की गई। इस दौरान बसों में *CCTV कैमरे, स्पीड कंट्रोलर* और आग से निपटने के लिए *Smoke Sensor व Foam Setup* की जाँच की गई। खिड़कियों पर *तीन लोहे की रॉड* अनिवार्य की गई हैं। पुलिस ने यह भी बारीकी से देखा कि कहीं बस का *फ्लोर कटा-फटा* तो नहीं है, जिससे किसी बच्चे का पैर फंस सके या उसे चोट लग सके।मौके पर *मेडिकल किट* और *Fire Extinguisher* की मौजूदगी सुनिश्चित की गई। ड्राइवर के लिए *Horizontal Mirror* को अनिवार्य बताया गया ताकि उसे पीछे का पूरा दृश्य स्पष्ट दिखे। विशेषकर छात्राओं की सुरक्षा के लिए बस में *महिला अटेंडेंट* की नियुक्ति को अनिवार्य कर दिया गया है। इसके साथ ही, ड्राइवर और अटेंडेंट के चरित्र का सत्यापन भी किया जा रहा है।  सड़क हादसों को रोकने के लिए ड्राइवरों के *आई-टेस्ट* का रिकॉर्ड चेक किया गया। बच्चों की जान ऐसे हाथों में नहीं सौंपी जा सकती जो शारीरिक रूप से अक्षम हों।

एसपी चमोली सुरजीत सिंह पँवार ने दो-टूक शब्दों में कहा कि—

आज की चेकिंग के दौरान जिन स्कूली वाहनों में सुरक्षा मानकों की कमियाँ पाई गई हैं, उनके स्कूल संचालकों को सुधार हेतु एक सप्ताह का समय दिया गया है। यदि एक सप्ताह की समयावधि में निर्धारित सुरक्षा मानकों को पूर्ण नहीं किया गया, तो संबंधित वाहनों को सीधे सीज किया जाएगा तथा स्कूल प्रबंधन के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।”*

 

*अभिभावकों से अपील: आप भी रखें पैनी नजर*

अभिभावकों से अपील है कि वे भी सजग बनें। अपने बच्चों को स्कूल वाहन में बैठाते समय सुरक्षा मानकों की जांच स्वयं करें। यदि वाहन संचालक नियमों की अनदेखी कर रहा है, तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें।

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